Edible Flowers in Indian Cooking: A Unique Blend of Taste and Health
भारत की रसोई में केवल मसाले और सब्ज़ियां ही नहीं, बल्कि रंग-बिरंगे फूल भी स्वाद और सेहत का हिस्सा बनते हैं। पारंपरिक और आधुनिक भारतीय व्यंजनों में कई प्रकार के edible flowers का इस्तेमाल होता है, जो न सिर्फ दिखने में खूबसूरत होते हैं बल्कि पोषण से भरपूर भी होते हैं।
भारत के पारंपरिक भोजन में मसालों और अनाज के साथ-साथ फूलों का इस्तेमाल भी सदियों से होता आया है। ये फूल न सिर्फ व्यंजनों में रंग और खुशबू भरते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। आइए जानते हैं भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले सात प्रमुख edible flowers और उनके विशेष उपयोग—
1. कद्दू का फूल (Pumpkin Flower)
- कहाँ लोकप्रिय: खासकर बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत में।
- कैसे बनता है: बेसन या चावल के आटे के घोल में डुबोकर कुरकुरा तला जाता है, जिसे कुम्हड़ा फूल भजिया या कुम्रो फूलर बड़ा कहा जाता है।
- स्वाद और गुण: हल्का मीठा, मुलायम बनावट; विटामिन A और C से भरपूर।
2. सहजन का फूल (Moringa Flower)
- कहाँ इस्तेमाल: मध्य और दक्षिण भारत में, सहजन के पत्तों और फली के साथ-साथ फूल भी खाए जाते हैं।
- कैसे बनता है: ताजा फूलों को हल्के मसालों के साथ भूनकर, या सुखाकर चाय, मिठाई और किण्वित पेय में डाला जाता है।
- स्वास्थ्य लाभ: आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर; थकान कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार।
3. गुलाब की पंखुड़ियां (Rose Petals)
- कहाँ इस्तेमाल: पूरे भारत में, मिठाई, शरबत और चटनियों में।
- कैसे बनता है: ताजे गुलाब से गुलकंद, शरबत, लड्डू, खीर और आइसक्रीम में गार्निश के लिए।
- स्वास्थ्य लाभ: पाचन में मददगार, शरीर को ठंडक प्रदान करने वाला, एंटीऑक्सिडेंट गुणों से भरपूर।
4. महुआ का फूल (Mahua Flower)
- कहाँ लोकप्रिय: झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा।
- कैसे बनता है: फूलों को सुखाकर जाम, रोटियाँ, मीठी खीर, और पारंपरिक किण्वित पेय में इस्तेमाल किया जाता है।
- स्वास्थ्य लाभ: प्राकृतिक शर्करा और आयरन का स्रोत; लोक संस्कृति और त्योहारों में अहम भूमिका।
5. कुसुम का फूल (Safflower)
- कहाँ इस्तेमाल: ग्रामीण रसोई में, खासकर राजस्थान और महाराष्ट्र में।
- कैसे बनता है: सूखे फूलों को चावल, पुलाव और मिठाइयों में सुनहरा रंग और हल्की सुगंध देने के लिए।
- विशेषता: केसर का सस्ता विकल्प; स्वाद हल्का और रंग गहरा पीला-नारंगी।
6. गुड़हल का फूल (Hibiscus Flower)
- कहाँ लोकप्रिय: तटीय भारत, खासकर गोवा, केरल और पश्चिम बंगाल।
- कैसे बनता है: फूल से मीठी-खट्टी चटनी, हर्बल चाय और जूस तैयार किए जाते हैं।
- स्वास्थ्य लाभ: हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी, रक्तचाप को नियंत्रित करने में मददगार, एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर।
7. बख फूल / सेसबानिया का फूल (Sesbania Flower)
- कहाँ लोकप्रिय: पूर्वोत्तर भारत और बंगाल।
- कैसे बनता है: फूल को पालक या साग की तरह पकाकर, फ्रिटर्स या करी में इस्तेमाल किया जाता है।
- स्वास्थ्य लाभ: कैल्शियम और फाइबर से भरपूर; हड्डियों को मजबूत करता है।
पोषण और स्वास्थ्य लाभ
ये फूल विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर से भरपूर होते हैं। गुलाब की पंखुड़ियां पाचन में मदद करती हैं, गुड़हल रक्तचाप को संतुलित करता है, और मोरिंगा व महुआ आयरन का अच्छा स्रोत हैं।
सुरक्षित उपयोग के सुझाव
- फूल की सही पहचान जरूरी है—सिर्फ वही किस्म खाएं जो खाने योग्य हो।
- फूल रसायन-मुक्त (pesticide-free) होने चाहिए।
- पहली बार इस्तेमाल करते समय कम मात्रा में लें ताकि किसी एलर्जी का खतरा न हो।
निष्कर्ष
बगीचे से थाली तक का यह सफर भारत की विविध पाक परंपराओं और स्वादों को और रंगीन बना देता है। Edible flowers न सिर्फ व्यंजन का सौंदर्य बढ़ाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अनमोल हैं।
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