एपेंडिसाइटिस एक चिकित्सीय स्थिति है जिसमें एपेंडिक्स नामक छोटा, उंगली के आकार का थैला, जो बड़ी आंत से जुड़ा होता है, सूज जाता है या उसमें संक्रमण हो जाता है। हालांकि एपेंडिक्स को शरीर का अवशेष अंग माना जाता है और इसके बिना भी शरीर सामान्य रूप से कार्य कर सकता है, लेकिन इसमें सूजन होने पर समय पर इलाज न मिलने से यह गंभीर हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एपेंडिसाइटिस तब होता है जब एपेंडिक्स में मल, संक्रमण, सूजी हुई लिंफ नोड्स या परजीवियों के कारण रुकावट हो जाती है। इससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और एपेंडिक्स के अंदर सूजन व पस बनने लगती है।
यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो 24 से 48 घंटे के भीतर एपेंडिक्स फट सकता है। इससे पेट के अंदर संक्रमण फैल सकता है और पेरिटोनाइटिस या सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
चिकित्सा शोधों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 7 प्रतिशत लोगों को जीवन में कभी न कभी एपेंडिसाइटिस का अनुभव होता है।
एपेंडिक्स का दर्द कहां होता है?
एपेंडिक्स का दर्द अक्सर नाभि के आसपास शुरू होता है और धीरे-धीरे पेट के निचले दाहिने हिस्से में पहुंच जाता है, जिसे मैकबर्नी पॉइंट कहा जाता है। समय के साथ यह दर्द तेज और अधिक गंभीर हो जाता है।
एपेंडिसाइटिस के 10 सामान्य लक्षण
- नाभि के आसपास शुरू होने वाला दर्द
- दर्द का पेट के निचले दाहिने हिस्से में पहुंचना
- चलने, खांसने या पेट छूने पर दर्द बढ़ना
- मतली
- उल्टी
- भूख न लगना
- कब्ज
- पेट में सूजन
- हल्का बुखार
- गैस पास करने में कठिनाई या पेशाब व मल त्याग के समय दर्द
यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉक्टर कैसे करते हैं जांच?
एपेंडिसाइटिस की पुष्टि के लिए डॉक्टर कई जांच करते हैं, जैसे:
- पेट की शारीरिक जांच
- संक्रमण का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट
- यूरिन टेस्ट
- अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन
इन परीक्षणों से एपेंडिक्स में सूजन या रुकावट का पता लगाया जा सकता है।
एपेंडिसाइटिस का इलाज
एपेंडिसाइटिस का सबसे प्रभावी उपचार एपेंडेक्टॉमी नामक सर्जरी है, जिसमें एपेंडिक्स को हटा दिया जाता है।
आजकल डॉक्टर अक्सर लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का उपयोग करते हैं, जिसमें छोटे उपकरण और कैमरे की मदद से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और निशान भी कम रहते हैं। हालांकि यदि एपेंडिक्स फट चुका हो, तो ओपन सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
क्या एपेंडिसाइटिस से बचाव संभव है?
एपेंडिसाइटिस को पूरी तरह रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन विशेषज्ञ कुछ आदतों को जोखिम कम करने में मददगार मानते हैं:
- फल, सब्जियां और साबुत अनाज से भरपूर फाइबर युक्त आहार लेना
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
- पाचन तंत्र को स्वस्थ रखना
डॉक्टरों का कहना है कि पेट के निचले दाहिने हिस्से में तेज दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी बीमारी के निदान या उपचार के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।


