January 19, 2026
Why Garba is Celebrated During Navratri: Tradition, Devotion, and Cultural Festivity

Why Garba is Celebrated During Navratri: Tradition, Devotion, and Cultural Festivity

Share This News

भारत में नवरात्रि का पर्व आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का अनूठा उदाहरण है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ गुजरात और देश के कई हिस्सों में गरबा और डांडिया का आयोजन भी होता है। यह केवल नृत्य नहीं, बल्कि श्रद्धा और परंपरा से जुड़ा एक जीवंत उत्सव है।

गरबा का धार्मिक महत्व

गरबा शब्द “गर्भ” से निकला है, जिसका अर्थ होता है “जीवन का स्रोत” या “मां की गोद”। नवरात्रि के दौरान मिट्टी के बने हुए गरबी (दीपक रखने का पात्र) या कलश को बीच में रखकर स्त्रियाँ उसके चारों ओर घूमकर नृत्य करती हैं। यह दीपक जीवन, शक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
मां अम्बा और शक्ति की आराधना करते हुए खेले जाने वाले इस नृत्य में स्त्रियाँ रंग-बिरंगे परिधान पहनकर गीत गाती हैं और ढोल की थाप पर नृत्य करती हैं। यह भक्ति और आनंद का ऐसा संगम है, जिसमें आस्था के साथ सामाजिक एकता भी झलकती है।

परंपरा और सांस्कृतिक पहचान

गरबा सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह गुजरात की सांस्कृतिक पहचान भी है। आज यह नृत्य न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुका है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया तक भारतीय समुदाय नवरात्रि के अवसर पर बड़े पैमाने पर गरबा और डांडिया नाइट्स का आयोजन करता है।

समाज और मेलजोल का अवसर

नवरात्रि में गरबा खेलने से समाज में एकता और मेलजोल की भावना मजबूत होती है। लोग अपने भेदभाव भूलकर एक ही मंडल में नृत्य करते हैं। युवाओं के लिए यह न केवल उत्सव का हिस्सा है, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का अवसर भी है।

आधुनिक समय में गरबा

आज गरबा का रूप और दायरा काफी बड़ा हो चुका है। पहले यह केवल मंदिरों और घरों के आंगनों में होता था, लेकिन अब बड़े-बड़े आयोजनों में हजारों लोग एक साथ भाग लेते हैं। प्रसिद्ध गायक और बैंड पारंपरिक गरबा गीतों के साथ-साथ नए-नए संगीत पर भी प्रस्तुति देते हैं। रंग-बिरंगी लाइट्स, सजावट और आधुनिक आयोजन ने इसे एक ग्लोबल फेस्टिवल का रूप दे दिया है।

निष्कर्ष

गरबा नवरात्रि का आत्मा है। यह केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति भक्ति, जीवन की ऊर्जा का उत्सव और समाज को जोड़ने वाला एक अद्भुत अवसर है। यही कारण है कि हर साल नवरात्रि के दिनों में गरबा की गूंज पूरे भारत से लेकर विदेशों तक सुनाई देती है।

Leave a Reply