रात में पैरों में ऐंठन: जानें कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के विस्तृत उपाय

by cityplusnews · February 25, 2026
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रात के समय पैरों में अचानक पड़ने वाली ऐंठन, जिसे नाइट लेग क्रैम्प्स कहा जाता है, एक आम लेकिन दर्दनाक समस्या है। यह समस्या प्रायः पिंडली (काफ मसल्स) में होती है और व्यक्ति को गहरी नींद से जगा देती है। ऐंठन के दौरान मांसपेशियां अचानक सख्त और कड़ी हो जाती हैं, जिससे कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक तीव्र दर्द महसूस हो सकता है। कई बार दर्द खत्म होने के बाद भी मांसपेशियों में जकड़न या हल्की सूजन बनी रहती है।

हालांकि अधिकांश मामलों में यह गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन बार-बार होने वाली ऐंठन नींद की गुणवत्ता और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

रात में पैरों में ऐंठन के प्रमुख कारण

1. डिहाइड्रेशन और खनिजों की कमी

शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) मांसपेशियों के कार्य पर सीधा प्रभाव डालती है। इसके अलावा मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे जरूरी खनिजों का असंतुलन मांसपेशियों के संकुचन और शिथिलन की प्रक्रिया को बाधित करता है, जिससे अचानक ऐंठन हो सकती है।

2. मांसपेशियों की थकान

दिनभर अधिक चलना, खड़े रहना, व्यायाम या सीढ़ियां चढ़ना-उतरना मांसपेशियों को थका देता है। थकी हुई मांसपेशियां आराम की अवस्था में अचानक सिकुड़ सकती हैं, जिससे रात में ऐंठन की समस्या बढ़ जाती है।

3. नसों पर दबाव

उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ या नसों पर दबाव बढ़ सकता है। नसों में हल्की समस्या या दबाव भी मांसपेशियों में अनियंत्रित संकुचन का कारण बन सकता है।

4. गलत सोने की मुद्रा

पेट के बल सोने या पैरों को नीचे की ओर मोड़कर रखने से पिंडली की मांसपेशियां छोटी अवस्था में आ जाती हैं। इससे ऐंठन की संभावना अधिक हो जाती है।

5. अन्य संभावित कारण

  • गर्भावस्था
  • कुछ दवाइयों का प्रभाव
  • मधुमेह या थायरॉइड जैसी बीमारियां
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना

ऐंठन होने पर तुरंत क्या करें?

  • प्रभावित पैर को सीधा कर धीरे-धीरे पंजे को अपनी ओर खींचें।
  • हल्की मालिश करें।
  • गुनगुने पानी से स्नान करें या हीटिंग पैड का उपयोग करें।
  • कुछ मामलों में बर्फ की सिकाई भी लाभदायक हो सकती है।

बचाव के उपाय

  1. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  2. संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, फल और सूखे मेवे शामिल हों।
  3. सोने से पहले 5–10 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग करें।
  4. नियमित हल्का व्यायाम करें ताकि मांसपेशियां मजबूत रहें।
  5. सोते समय पैरों को आरामदायक और सीधी स्थिति में रखें। जरूरत हो तो तकिए का सहारा लें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि ऐंठन बहुत ज्यादा दर्दनाक हो, बार-बार हो, नींद में लगातार बाधा डाले या सूजन, त्वचा का रंग बदलना, सुन्नपन या कमजोरी जैसे लक्षण साथ में दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर रात में पैरों की ऐंठन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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