सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी आर्मी अधिकारी अपनी पत्नी के साथ महिंद्रा एसयूवी में टोल प्लाजा पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के साथ साझा किए गए दावों के अनुसार, अधिकारी ने टोल शुल्क देने से इनकार किया, जिसके बाद टोल बूथ पर तैनात कर्मचारी के साथ उनकी संक्षिप्त बातचीत हुई
वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण होने के बावजूद टोल कर्मचारी ने शांत, संयमित और पेशेवर व्यवहार बनाए रखा। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कर्मचारी की शालीनता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है।
क्या है पूरा मामला?
वीडियो के दावों के मुताबिक, संबंधित अधिकारी महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश की ओर यात्रा कर रहे थे और रास्ते में कई टोल प्लाजा पार किए। कुछ स्थानों पर उन्हें कथित तौर पर छूट दी गई, जबकि एक टोल प्लाजा पर कर्मचारी ने निर्धारित शुल्क का भुगतान करने को कहा। अधिकारी का कहना था कि सेवारत सेना अधिकारियों को टोल टैक्स में छूट मिलती है। वहीं कर्मचारी ने स्पष्ट आदेश या दस्तावेज़ की जानकारी न होने की बात कही और नियमों के अनुसार शुल्क मांगा।
नियम क्या कहते हैं?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India – NHAI) की गाइडलाइंस के अनुसार, कुछ श्रेणियों के वाहनों और व्यक्तियों को टोल टैक्स में छूट प्रदान की जाती है। इनमें विशेष परिस्थितियों में रक्षा सेवाओं से जुड़े अधिकृत वाहन शामिल हो सकते हैं। हालांकि, छूट से जुड़े नियम वाहन के प्रकार, आधिकारिक ड्यूटी और आवश्यक पहचान/दस्तावेज़ों पर निर्भर करते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग सेना के जवानों के प्रति सम्मान और सुविधा की बात कर रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए।
फिलहाल, संबंधित प्राधिकरण की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


