Gold Demand Remains Strong During Navratri-Diwali Despite Price Hike
नवरात्रि और दिवाली के त्योहारों के दौरान सोने की मांग में लगातार वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सोने की कीमतों में हाल ही में तेजी आई है, भारतीय उपभोक्ता इन त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी को शुभ और आवश्यक मानते हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी
सितंबर 2025 के अंत में सोने की कीमतें ₹1,11,190 प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गई हैं। वहीं, चांदी की कीमत ₹1,35,000 प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है। कीमतों में यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण हुई है।
त्योहारों में मांग क्यों मजबूत रहती है
विशेषज्ञों के अनुसार नवरात्रि, धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने की खरीदारी में गिरावट नहीं आएगी। उपभोक्ता सोने को न सिर्फ निवेश का सुरक्षित माध्यम मानते हैं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी इसे शुभ मानते हैं। इस कारण, त्योहारों के समय सोने की खरीदारी में निरंतरता बनी रहती है।
निवेशकों के लिए सुझाव
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि सोने की कीमतों में अस्थायी गिरावट हो सकती है, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सोना एक सुरक्षित निवेश बना रहेगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश निर्णय लें और उचित समय पर सोने में निवेश करें।
निष्कर्ष
सोने की कीमतें बढ़ने के बावजूद, नवरात्रि और दिवाली के दौरान सोने की मांग में कोई कमी नहीं आने की संभावना है। भारतीय उपभोक्ता और निवेशक दोनों ही सोने को सुरक्षित और शुभ निवेश मानते हैं, जिससे त्योहारों के दौरान सोने की बिक्री मजबूत बनी रहती है।
