From Makhana to Digestive Biscuits: These Everyday Snacks May Be Raising Your Blood Sugar Levels
आज की भागदौड़ भरी दुनिया में लोग अक्सर जंक फूड, देर रात तक जागना, कम पानी पीना और मोबाइल स्क्रीन पर ज़्यादा समय बिताना जैसी आदतों को नज़रअंदाज़ करते हैं। यही आदतें आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती हैं।
स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है कि हम अपने खानपान, नींद, एक्सरसाइज और मानसिक शांति पर ध्यान दें। जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।
कई बार जो चीजें हमें सेहतमंद लगती हैं, वही धीरे-धीरे हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर कुछ लोकप्रिय भारतीय स्नैक्स ऐसे होते हैं जो इंसुलिन स्पाइक पैदा करके हमें इंसुलिन रेसिस्टेंट बना सकते हैं — जो आगे चलकर डायबिटीज, मोटापा और थकान जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं।
यहाँ 5 ऐसे स्नैक्स की सूची है जो देखने में हेल्दी लगते हैं, लेकिन रोजमर्रा के सेवन से नुकसानदेह हो सकते हैं:
1. मसालेदार मखाना / रोस्टेड चना / बाजरा मिक्स
ये स्नैक्स अक्सर “लो कैलोरी” या “हाई प्रोटीन” कहे जाते हैं, लेकिन इनमें डाला गया जागर, मसाला, नमक या रिफाइंड तेल इन्हें अनहेल्दी बना देता है।
बेहतर विकल्प: सादे मखाने बिना नमक या तेल के खाएं, या थोड़ा देसी घी और सूखे मेवे के साथ सेवन करें।
2. शुगर-फ्री या लो-फैट प्रोटीन बार्स
इनमें आमतौर पर प्रोसेस्ड तत्व जैसे माल्टिटोल, सिरप, कृत्रिम फाइबर होते हैं जो पेट में गैस, सूजन और इंसुलिन बढ़ा सकते हैं।
बेहतर विकल्प: घर पर सिर्फ 3 चीजों से बने बार्स बनाएं – जैसे खजूर, बादाम और चिया सीड्स।
3. फ्लेवर्ड योगर्ट (फ्रूट दही / ग्रीक योगर्ट)
ये आइसक्रीम जितनी शुगर लिए हो सकते हैं। फैट-फ्री होने से भूख जल्दी लगती है, जिससे फिर से मीठा खाने का मन होता है।
बेहतर विकल्प: सादा, फुल-फैट दही लें और उसमें ताजे फल, दालचीनी या बीज मिलाएं।
4. डाइजेस्टिव बिस्किट, रागी चिप्स, ग्रेनोला क्लस्टर्स
भले ही इनका नाम हेल्दी लगता हो, लेकिन इनका ग्लायसेमिक लोड बहुत ज्यादा होता है और इनमें प्रोटीन कम होता है।
बेहतर विकल्प: दो भीगे हुए अखरोट और एक छोटा फल या घर का बना ट्रेल मिक्स लें।
5.गुड़/हनी वाले स्नैक्स ( Snacks) या ‘डायबिटिक फ्रेंडली’ बार्स
गुड़, शहद, कोकोनट शुगर – ये सभी शुगर के ही रूप हैं। ये इंसुलिन को तेजी से बढ़ाते हैं और फिर शरीर में थकावट और बार-बार भूख लगने की समस्या ला सकते हैं।
बेहतर विकल्प: ऐसी चीजों से सावधान रहें जो सिर्फ ‘हेल्दी’ कहलाती हैं, और हमेशा असली, कम प्रोसेस्ड फूड्स का चयन करें।
क्यों है यह ज़रूरी?
आजकल कई स्नैक्स “बेक्ड”, “ऑर्गेनिक”, या “लो-फैट” जैसे लेबल के साथ आते हैं। लेकिन इनके अंदर छुपी हुई शुगर और रिफाइंड कार्ब्स धीरे-धीरे इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ा सकते हैं, जिससे वजन बढ़ना, थकावट रहना और मेटाबॉलिक समस्याएं हो सकती हैं।
हेल्दी स्नैकिंग ( Snacks )के सुझाव:
- नैचुरल स्नैक्स का चुनाव करें: जैसे भीगे नट्स, ताजा फल, सादा दही
- पैकेजिंग पर न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें – खासकर शुगर के छुपे रूप जैसे माल्टिटोल, सिरप, डेक्सट्रोज आदि
- स्नैक्स को प्रोटीन या हेल्दी फैट के साथ मिलाकर खाएं ताकि ब्लड शुगर तेजी से न बढ़े
- मात्रा पर ध्यान दें – चाहे हेल्दी हो, ज़्यादा खाना नुकसानदेह हो सकता है
निष्कर्ष:
हर वो चीज जो दिखने में हेल्दी है, वह जरूरी नहीं कि शरीर के लिए भी फायदेमंद हो। रोज-रोज मखाना, बिस्किट, डायट बार्स या मीठे दही जैसे स्नैक्स लेने से इंसुलिन लेवल बिगड़ सकता है। बेहतर है कि आप साधारण, घर के बने और कम प्रोसेस्ड विकल्प चुनें।
Note to Readers: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और यह किसी भी प्रकार की पेशेवर चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या स्थिति के बारे में सवाल हो तो कृपया हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
