Rewa: The ‘Waterfall Hub’ of Madhya Pradesh, Nature Blooms in the Monsoon
रीवा (मध्य प्रदेश) – जब भारत के खूबसूरत राज्यों की बात होती है, तो मध्य प्रदेश का नाम जरूर आता है। इस राज्य का रीवा जिला मानसून में अपनी प्राकृतिक सुंदरता से हर किसी का मन मोह लेता है। यहां ऊंचे पहाड़ों से गिरते झरने, चारों तरफ फैली हरियाली और बारिश की फुहारें मिलकर एक ऐसा नजारा पेश करती हैं, जिसे देखने दूर-दूर से पर्यटक पहुंचते हैं।
इस समय रीवा में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव (RTC) का आयोजन हो रहा है, जिससे शहर का माहौल पर्यटन के रंग में रंगा हुआ है। सड़कों से लेकर प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सजावट की गई है।
रीवा के प्रमुख झरने
- केवटी झरना – रीवा से 37 किमी दूर स्थित, बरसात में यहां का हरा-भरा नजारा और ऊंचाई से गिरता पानी बेहद आकर्षक लगता है।
- चचाई झरना – 130 मीटर ऊंचा यह झरना पंडित नेहरू को भी पसंद आया था। बरसात में पानी का बहाव बढ़ने पर इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है।
- पूर्वा झरना – सेमरिया क्षेत्र में स्थित, तमस नदी से 70 मीटर गहरी खाई में गिरता पानी बेहद मनमोहक दृश्य बनाता है।
- बहुटी झरना – रीवा से 68 किमी दूर, 198 मीटर (650 फीट) ऊंचा और चौड़ा यह झरना मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा वॉटरफॉल है।
अन्य आकर्षण
रीवा के पास मुकुंदपुर गांव में टाइगर सफारी है, जहां दुनिया का पहला सफेद बाघ ‘मोहन’ पाया गया था। यहां हरे-भरे जंगल, ऐतिहासिक स्थल और कई कम-भीड़ वाले झरने भी हैं।
यात्रा के दौरान सावधानियां
मानसून में झरनों के आसपास फिसलन और पानी का तेज बहाव हो सकता है। ट्रेकिंग या झरनों के पास जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि सफर सुरक्षित और यादगार रहे।
रीवा कैसे पहुंचे?
- हवाई मार्ग – छोरहटा एयरपोर्ट (शहर से 11 किमी), भोपाल, खजुराहो, जबलपुर के लिए फ्लाइट उपलब्ध।
- रेल मार्ग – रीवा रेलवे स्टेशन सतना लाइन से जुड़ा, बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेनें।
- सड़क मार्ग – रीवा बड़े हाईवे से जुड़ा, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रायपुर से बसें उपलब्ध।
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