No Time for Long Walks? Short Bursts of Daily Activity Can Still Strengthen Your Heart
अगर आपकी ज़िंदगी काम, परिवार और ज़िम्मेदारियों में इतनी व्यस्त है कि नियमित एक्सरसाइज़ के लिए समय निकालना मुश्किल लगता है, तो आप अकेले नहीं हैं। अब तक फिटनेस को लेकर सलाह यही रही है कि हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तेज़ चाल से चलें या तय समय पर जिम जाएं। हालांकि यह वैज्ञानिक रूप से सही है, लेकिन कई लोगों के लिए यह लक्ष्य व्यावहारिक नहीं होता।
अब स्वास्थ्य शोध में एक नया नजरिया सामने आ रहा है। वैज्ञानिक विगरस इंटरमिटेंट लाइफस्टाइल फिजिकल एक्टिविटी (VILPA) पर ध्यान दे रहे हैं, जिसे आम भाषा में ‘जिम स्नैकिंग’ भी कहा जाता है। इसका मतलब है कि अलग से एक्सरसाइज़ का समय निकालने के बजाय, रोज़मर्रा की ज़िंदगी में छोटे लेकिन तेज़ शारीरिक प्रयास शामिल किए जाएं। ये गतिविधियां कभी-कभी सिर्फ एक-दो मिनट की होती हैं, लेकिन फिर भी दिल की सेहत और ओवरऑल फिटनेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट, एक्सरसाइज़ एंड हेल्थ की सीनियर रिसर्च फेलो जो ब्लॉजेट मानती हैं कि यह सोच लोगों के फिटनेस को देखने के तरीके को बदल सकती है। BBC रेडियो 4 के एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि रोज़मर्रा की दिनचर्या में शामिल की गई छोटी लेकिन तेज़ गतिविधियां दिल को मज़बूत बनाती हैं, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की क्षमता को बनाए रखती हैं और इसके लिए न तो जिम की ज़रूरत है, न ही किसी सख्त प्लान की।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में VILPA अपनाने के आसान तरीके
सीढ़ियों को प्राथमिकता दें
लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना, थोड़ी देर के लिए तेज़ चाल से चलना या बस-ट्रेन पकड़ने के लिए कदम तेज़ करना—ये सभी दिल की धड़कन बढ़ाते हैं। भले ही ये प्रयास छोटे हों, लेकिन दिनभर में कई बार दोहराने से अच्छा असर पड़ता है।
घर के कामों को बनाएं एक्टिव
घर की सफाई, किराने का सामान उठाना या बच्चों के साथ खेलना भी शारीरिक गतिविधि ही है। अगर इन्हें थोड़ी ऊर्जा और उत्साह के साथ किया जाए, तो ये भी फिटनेस में योगदान देते हैं। जो ब्लॉजेट के मुताबिक, जिन गतिविधियों में मज़ा आता है, उन्हें लंबे समय तक अपनाना आसान होता है।
मिनट नहीं, गति पर ध्यान दें
एक्सरसाइज़ की अवधि की चिंता करने के बजाय, मौके देखकर तेज़ी से हिलना-डुलना ज़्यादा ज़रूरी है। मीटिंग्स के बीच एक मिनट की पावर वॉक या तेज़ी से सीढ़ियां चढ़ना भी असरदार हो सकता है।
लंबे समय तक बैठे रहने से बचें
कई लोग दिन में थोड़ी एक्सरसाइज़ तो करते हैं, लेकिन बाकी समय बैठे रहते हैं। हर आधे घंटे में उठकर थोड़ी तेज़ गतिविधि करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सेडेंटरी लाइफस्टाइल से जुड़े जोखिम कम होते हैं।
मूवमेंट को मज़ेदार बनाएं
VILPA की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक्सरसाइज़ को सज़ा की तरह नहीं देखा जाता। किचन में नाचना, खाना बनाते समय हल्की-फुल्की हरकतें करना या ट्रेन के लिए खुशी-खुशी दौड़ना भी इसमें शामिल है।
शोध बताते हैं कि दिल की सेहत सिर्फ लंबी वर्कआउट से ही नहीं बनती। दिनभर में बार-बार की गई छोटी लेकिन तेज़ गतिविधियां भी शरीर को मज़बूत बना सकती हैं और असल ज़िंदगी में आसानी से फिट हो जाती हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिले हैं कि नियमित मूवमेंट के साथ सही हाइड्रेशन सेहत के लिए और फायदेमंद हो सकता है, हालांकि इस पर अभी और शोध जारी है।
आखिरकार, VILPA यह याद दिलाता है कि स्वस्थ रहने के लिए परफेक्शन या घंटों जिम में बिताना ज़रूरी नहीं। जब भी मौका मिले, थोड़ा और तेज़ हिलना-डुलना ही सेहत की ओर पहला कदम है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
