एक पुल के पास बनाई गई बेहद असली दिखने वाली “टनल” पेंटिंग की तस्वीर एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस तस्वीर ने लोगों के बीच हंसी, हैरानी और चिंता—तीनों पैदा कर दी हैं। रोड रनर कार्टून कैरेक्टर वाली इस स्ट्रीट आर्ट को लेकर दावा किया जा रहा है कि किसी ड्राइवर ने इसे असली सुरंग समझकर कार दीवार में टकरा दी।
यह तस्वीर X (पहले ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैली, जहां कैप्शन में कहा गया कि यह शरारत हाल ही की है और प्रशासन इस रहस्यमयी ग्रैफिटी आर्टिस्ट की तलाश कर रहा है। रात के समय रोशनी और शैडो के साथ बनी यह पेंटिंग इतनी वास्तविक लगती है कि कहानी भी कई लोगों को सच लगने लगी।
लेकिन सच्चाई इससे काफी अलग है।
कार के दीवार से टकराने का यह दावा न तो नया है और न ही सही। यह कहानी पहली बार 2015 में वायरल हुई थी और बाद में इसे फर्जी साबित कर दिया गया था। पेंटिंग वाकई मौजूद है, लेकिन इससे जुड़ा कोई प्रमाणित हादसा, कोई घायल ड्राइवर या पुलिस जांच नहीं हुई। इसके बावजूद, यह तस्वीर हर कुछ सालों में नए दावे के साथ दोबारा सामने आ जाती है।
तस्वीर के फिर वायरल होने से रियलिस्टिक स्ट्रीट आर्ट की ताकत और संभावित खतरे को लेकर बहस भी छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स ने इसे “जीनियस” बताते हुए क्लासिक लूनी ट्यून्स एपिसोड जैसा बताया, वहीं कुछ लोगों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि सड़क किनारे ऐसी भ्रम पैदा करने वाली कला खतरनाक हो सकती है।
रीडिट पर प्रतिक्रिया देने वालों में भी हंसी और चिंता दोनों दिखीं। एक यूज़र ने लिखा, “सोचिए उस इंसान की हालत कैसी हुई होगी जब अचानक क्रैश हो गया।” दूसरे ने मज़ाक में कहा, “ड्राइवर विलेन रहा होगा, तभी वो रोड रनर की तरह दीवार पार नहीं कर पाया।”
कई लोगों ने माना कि वे खुद भी धोखा खा सकते थे। एक यूज़र ने लिखा, “सच बताऊं तो मैं भी शायद इसे असली समझ लेता।” दूसरे ने जोड़ा, “स्क्रीन के पीछे बैठकर हंसना आसान है, लेकिन सामने होता तो शायद वही गलती करता।”
एक यूज़र ने अपनी निजी प्रतिक्रिया साझा की, “पहले मैं हंसा… फिर याद आया कि मैं स्टेरियोब्लाइंड हूं और गहराई का सही अंदाज़ा नहीं लगा पाता। शायद मैं भी वही करता। फिर मैं दोबारा हंसा।”
फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट Snopes भी पहले साफ कर चुकी है कि इस कथित हादसे की शुरुआती खबरें केवल सोशल मीडिया दावों पर आधारित थीं, जिनकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
करीब एक दशक बाद भी यह ‘रोड रनर टनल’ पेंटिंग इस बात की याद दिलाती है कि इंटरनेट पर पुराने मिथक कितनी आसानी से लौट आते हैं—और कैसे वायरल कहानियां ह्यूमर, भ्रम और गलत जानकारी के बीच की रेखा को धुंधला कर देती हैं।


