Where Should You Invest ₹5 Lakh? Experts Say Time Horizon, Not Amount, Is the Key
अक्सर निवेशकों के मन में यह सवाल आता है कि अगर आज उनके पास ₹5 लाख हों, तो सबसे बेहतर फायदा पाने के लिए इसे कहां निवेश किया जाए। फाइनेंशियल प्लानर्स के मुताबिक इसका कोई एक सीधा जवाब नहीं है, क्योंकि निवेश का सही विकल्प रकम से ज्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि आपको उस पैसे की जरूरत कब पड़ेगी।
2026 में जब बाजार की अस्थिरता “नया नॉर्मल” बन चुकी है, ऐसे में पूंजी की सुरक्षा के साथ ग्रोथ हासिल करना पहले से ज्यादा अहम हो गया है। चाहे पैसा एक साल में चाहिए हो, तीन साल में, पांच साल में या दस साल में—हर समयावधि के लिए रणनीति अलग होती है।
अगर पैसा एक साल के भीतर चाहिए
कम समय के निवेश में जोखिम लेने से बचने की सलाह दी जाती है। शेयर बाजार में अल्पावधि में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे निवेश की वैल्यू घटने का खतरा रहता है।
ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), लिक्विड म्यूचुअल फंड या अल्ट्रा शॉर्ट-टर्म डेट फंड जैसे कम जोखिम वाले विकल्प बेहतर माने जाते हैं। हालांकि इन पर मिलने वाला रिटर्न सीमित होता है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि FD पर मिलने वाला ब्याज इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है। डेट म्यूचुअल फंड पर भी अब स्लैब रेट से टैक्स लगता है, इसलिए टैक्स के बाद मिलने वाले रिटर्न का आकलन जरूरी है। एक साल के निवेश में प्राथमिकता पूंजी सुरक्षा ही रहती है।
अगर निवेश अवधि लगभग तीन साल की हो
तीन साल के समय के लिए संतुलित निवेश रणनीति अपनाई जा सकती है। विशेषज्ञ शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड और हाइब्रिड म्यूचुअल फंड के संयोजन की सलाह देते हैं।
हाइब्रिड फंड में आंशिक निवेश इक्विटी में होता है, जिससे रिटर्न की संभावना डेट फंड से बेहतर रहती है, जबकि जोखिम पूरी तरह इक्विटी जितना नहीं होता।
लंबी अवधि तक इक्विटी होल्ड करने पर टैक्स के लिहाज से भी फायदा मिलता है। सालाना ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स-फ्री होने से नेट रिटर्न बेहतर हो सकता है।
अगर आप पांच साल तक निवेश कर सकते हैं
पांच साल की अवधि में इक्विटी निवेश ज्यादा व्यावहारिक हो जाता है, क्योंकि बाजार आमतौर पर चक्रों में चलता है। भले ही अल्पावधि में निराशा हो, लेकिन लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ सेक्टर-विशेष फंड की बजाय डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड, जैसे इंडेक्स फंड या फ्लेक्सी-कैप फंड, चुनने की सलाह देते हैं। टैक्स बचाने के लिए ELSS स्कीम पर भी विचार किया जा सकता है, जिसमें तीन साल का लॉक-इन होता है।
इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 12.5 प्रतिशत है, जबकि सालाना ₹1.25 लाख तक की छूट मिलती है।
अगर निवेश अवधि दस साल की हो
दस साल का समय निवेशकों को कंपाउंडिंग का पूरा फायदा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस अवधि में इक्विटी सबसे अहम भूमिका निभा सकती है, क्योंकि सालाना रिटर्न में थोड़ा सा अंतर भी लंबी अवधि में बड़ा फासला पैदा कर देता है।
लंबी अवधि के लिए इंडेक्स फंड और फ्लेक्सी-कैप फंड को वरीयता दी जाती है। अस्थिर बाजार में SIP या STP के जरिए धीरे-धीरे इक्विटी में निवेश करना बेहतर माना जाता है, जिससे टाइमिंग रिस्क कम होता है। वहीं, डेट हिस्से को एकमुश्त निवेश किया जा सकता है।
अंततः विशेषज्ञों की राय यही है कि ₹5 लाख के लिए “सबसे अच्छा” निवेश वही है, जो आपकी जरूरत की समयसीमा और जोखिम सहने की क्षमता के अनुरूप हो।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
