हजारों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सदस्य नौकरी बदलने या सेवानिवृत्ति के बाद अपने पुराने खातों में बची छोटी रकम को भूल जाते हैं। समय के साथ, इन खातों में योगदान बंद होने पर वे निष्क्रिय (Inoperative) हो जाते हैं, जिससे खाताधारकों को अपनी जमा राशि को लेकर असमंजस बना रहता है।
ऐसे सदस्यों को राहत देते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने घोषणा की है कि ₹1,000 तक की राशि वाले निष्क्रिय EPF खातों का स्वत: रिफंड किया जाएगा। इस पहल से छह लाख से अधिक खाताधारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेष बात यह है कि इसके लिए किसी भी प्रकार का दावा, आवेदन या दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। राशि सीधे सदस्य के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
हालांकि, यह सुविधा केवल उन खातों पर लागू होगी जिनमें शेष राशि ₹1,000 या उससे कम है। यदि किसी निष्क्रिय खाते में ₹1,000 से अधिक राशि है, तो संबंधित सदस्य को EPFO द्वारा निर्धारित सामान्य निकासी प्रक्रिया अपनानी होगी।
किसी EPF खाते को तब निष्क्रिय माना जाता है जब लगातार तीन वर्षों तक न तो कर्मचारी और न ही नियोक्ता कोई अंशदान करते हैं। नियमों के अनुसार, सदस्य के 58 वर्ष की आयु तक खाते में ब्याज जमा होता रहता है। 58 वर्ष के बाद भी अधिकतम तीन वर्षों तक ब्याज मिलता है। इसके बाद यदि राशि अनक्लेम्ड रहती है तो खाता निष्क्रिय हो जाता है और ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
EPF की अंतिम निकासी 58 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति, स्थायी रूप से विदेश प्रवास या सदस्य की मृत्यु की स्थिति में की जा सकती है।
सदस्य अपने खाते की स्थिति EPFO के आधिकारिक पोर्टल या UMANG मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन जांच सकते हैं।
यह पहल छोटे और भूले-बिसरे बैलेंस को सरल प्रक्रिया के जरिए लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


