दशहरा के अवसर पर भारत में सोना और चांदी की कीमतों ने ऐतिहासिक ऊंचाई छू ली, जिससे निवेशकों और ट्रेडर्स में उत्साह का माहौल बन गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत ₹1,52,753 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि सोना ₹1,21,000 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेज रैली के पीछे अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग मुख्य कारण हैं। हालांकि, छोटे समय के उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबी अवधि में सोने और चांदी का रुझान सकारात्मक ही रहने की संभावना है।
पिछले दशक में सोने की कीमतों में दोगुना से अधिक वृद्धि देखी गई है। 1 अक्टूबर 2023 को सोना ₹58,200 प्रति 10 ग्राम था, जो 2024 में ₹77,380 और 2025 में ₹1,17,800 तक पहुंच गया। सिर्फ दो वर्षों में इस अप्रत्याशित तेजी ने बुलियन मार्केट में मजबूत गति को दिखाया है।
विश्लेषकों के अनुसार, डॉलर की कमजोरी ने वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आर्थिक अस्थिरता ने निवेशकों को सोने और चांदी की ओर आकर्षित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत खरीदारी ने भी इस तेजी का समर्थन किया है।
भारत ही नहीं, बल्कि विश्व भर में भी सोना और चांदी ऊँचे स्तर पर कारोबार कर रही हैं। सोना डॉलर के मुकाबले मजबूत बना हुआ है, जबकि चांदी ने अंतरराष्ट्रीय ओंस ट्रेड में तेज उछाल दिखाया है।
दशहरा पर इस रिकॉर्ड तोड़ रैली के साथ, सोना और चांदी दोनों निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर प्रस्तुत कर रही हैं।


