Delicious but Silent Killers: These Foods Are Quietly Making Your Kidneys Sick
किडनी हमारे शरीर के दो सेम के आकार के अंग हैं, जो रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर पसलियों के ठीक नीचे स्थित होते हैं। प्रत्येक किडनी का आकार लगभग एक मुट्ठी जितना होता है और ये हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्य कार्य
- वेस्ट फ़िल्टर करना – खून से टॉक्सिन, अतिरिक्त नमक और अपशिष्ट पदार्थ को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालना।
- तरल संतुलन बनाए रखना – पानी, नमक और मिनरल्स (सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम) का संतुलन बनाए रखना।
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित करना – रेनिन जैसे हार्मोन बनाकर रक्तचाप को नियंत्रित करना।
- हार्मोन उत्पादन – एरिथ्रोपोइटिन नामक हार्मोन का निर्माण, जो बोन मैरो को लाल रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए उत्तेजित करता है।
- विटामिन D सक्रिय करना – शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद, जिससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत रहती हैं।
किडनियाँ 24×7 आपके खून को फ़िल्टर कर शरीर में तरल पदार्थों और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखती हैं।परंतु, कुछ आम खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो धीरे-धीरे किडनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
1. सोडा (Carbonated Drinks)
– सोडे में पोषण के नाम पर शुगर, फॉस्फोरिक एसिड और आर्टिफिशियल एडिटिव्स होते हैं, जो कैल्शियम और अन्य खनिजों के संतुलन को बिगाड़ते हैं और किडनी पर बोझ बढ़ाते हैं
2. बटर और मेयोनेज़
– बाज़ार के बटर में उच्च मात्रा में कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट होता है, जो रक्तचाप और मोटापे जैसे जोखिमों से किडनी को कमजोर कर सकता है
– मेयोनेज़ भी कैलोरी और फैट से भरपूर होता है—एक चम्मच मेयोनेज़ में लगभग 103 कैलोरी होती हैं—जिसकी जगह फैट-फ्री ग्रीक योगर्ट बेहतर विकल्प है
3. प्रोसेस्ड और फ्रोज़न फूड्स
– ये फूड्स शुगर, सोडियम, फ़ैट और संरक्षक पदार्थों से लदे होते हैं। नियमित सेवन से टाइप 2 डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप और किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट की संभावना बढ़ जाती है
4. रेड मीट
– रेड मीट में हाई प्रोटीन और प्यूरिन होता है, जो यूरिक एसिड लेवल बढ़ाकर किडनी स्टोन और गाउट का खतरा बढ़ा सकता है।
5. नमकीन और चिप्स
– इनमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ाकर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
6. आचार (Pickles)
– ज्यादा नमक और प्रिज़रवेटिव्स के कारण आचार का अधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
7. टमाटर (Tomatoes)
– इनमें पोटैशियम और ऑक्सलेट्स की मात्रा अधिक होती है, जो किडनी स्टोन और CKD मरीजों के लिए समस्या पैदा कर सकती है।
8. चीनी और मीठे डेज़र्ट
– ज्यादा चीनी का सेवन मोटापा और डायबिटीज़ का खतरा बढ़ाता है, जो किडनी डैमेज का बड़ा कारण है।
हमारे संसाधनों के अनुसार और क्या सावधानियाँ अपनाएं?
- खान-पान में फ़ॉस्फोरस, पोटैशियम और सोडियम की मात्रा नियंत्रित करें। ये तत्व किडनी को अधिक काम करने पर मजबूर कर सकते हैं और CKD (Chronic Kidney Disease) की प्रगति को तेज़ कर सकते हैं
- टमाटर (Tomatoes) की मात्रा सीमित करना उपयोगी है, क्योंकि इनमें पोटोशियम और ऑक्सलेट्स अधिक होते हैं, जो किडनी स्टोन्स या हृदय संबंधी जटिलताएं बढ़ा सकते हैं
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद आवश्यक है, जिससे किडनी ढंग से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सके
किडनी को स्वस्थ रखने के टिप्स
- पर्याप्त पानी पिएं – रोज़ाना पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करें।
- संतुलित आहार लें – अतिरिक्त नमक, प्रोसेस्ड फूड और शुगर से बचें।
- ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल रखें – विशेषकर हाई BP और डायबिटीज़ के रोगियों के लिए।
- नियमित व्यायाम करें – रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
- पेनकिलर का अति प्रयोग न करें – कुछ दवाएं किडनी पर दबाव डालती हैं।
- धूम्रपान छोड़ें – किडनी तक बेहतर रक्त प्रवाह में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
आपकी किडनी धीरे-धीरे तबाह नहीं होती, बल्कि कई रोज़मर्रा की आदतों से जटिलताएँ जन्म लेती हैं। सोडा, बटर, मेयोनेज़ और प्रोसेस्ड-फूड्स जैसे साधारण खाद्य पदार्थ भी आपके किडनी स्वास्थ्य को ख़तरे में डाल सकते हैं। संतुलित आहार, कम सोडियम/फॉस्फोरस/पोटैशियम की सावधानी, और भरपूर पानी का सेवन—ये तीनों मिलकर आपकी किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।
परामर्श: व्यक्तिगत आहार संबंधी निर्णयों से पहले हमेशा डॉक्टर या पंजीकृत डायटीशियन से सलाह लें।
