"America Felt Like Home, But Had to Say Goodbye" — Indian Woman’s Emotional Farewell Goes Viral
“अमेरिका मेरा पहला घर था, जहाँ मैं आर्थिक रूप से स्वतंत्र वयस्क बनी — यह हमेशा मेरे लिए खास रहेगा,”
— ऐसे भावुक शब्दों के साथ एक भारतीय महिला ने अमेरिका को अलविदा कहा।
क्या हुआ?
- इस महिला, अनन्या जोशी ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री पूरी की थी।
- इसके बाद उन्होंने F-1 वीजा के तहत OPT (Optional Practical Training) कार्यक्रम से एक बायोटेक स्टार्टअप में नौकरी शुरू की।
- लेकिन कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की और अनन्या को नौकरी से निकाल दिया गया।
- OPT अवधि के समाप्ति के नजदीक आते ही उन्हें नए रोजगार की तलाश करनी पड़ी। महीनों की मेहनत, आवेदन, साक्षात्कार और नेटवर्किंग के बावजूद उपयुक्त नौकरी नहीं मिली।
भावनात्मक विदाई
अंततः अनन्या ने अमेरिका छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी विदाई का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने इसे “इस यात्रा का अब तक का सबसे कठिन कदम” बताया।
वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने अलविदा कहने की तैयारी कभी नहीं की थी। उन्होंने Instagram कैप्शन में लिखा:
“Though short-lived, I really appreciate the life you gave me. AMERICA, I LOVE YOU.”
अचानक यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों ने उसके प्रति प्रतिक्रियाएँ देना शुरू कर दिया — कुछ ने सहानुभूति दिखायी, कुछ ने संघर्ष की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए।
अनन्या अब दुबई में बसने और अपनी अगली शुरुआत करने की योजना में हैं।
बड़ी तस्वीर: अंतर्राष्ट्रीय छात्रों व पेशेवरों की चुनौतियाँ
इस किस्से ने यह उजागर कर दिया है कि अमेरिका में रहने और रोजगार पाने की कोशिश करने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के सामने कितनी अनिश्चितताएँ हो सकती हैं। विशेषकर उन लोगों के लिए जो वीजा आधारित कार्यक्रमों पर निर्भर करते हों।
- नौकरी न मिलने की स्थिति में उन्हें देश छोड़ने की मजबूरी हो सकती है।
- OPT जैसी वीजा व्यवस्थाएँ उन्हें सीमित समय देती हैं, और वह भी तब जब उन्हें नेटवर्किंग, साक्षात्कार आदि में सफलता न मिले।
- सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ द्विपक्षीय हो सकती हैं — कुछ लोगों को यह संघर्ष प्रेरणादायक लगता है, जबकि अन्य इसे “विशिष्ट विशेषाधिकारों वाला संघर्ष” कह कर कम आंकते हैं।
