AIIMS Expert Recommends: What to Eat for Breakfast to Prevent Gastric Problems? 5 Easy Options Revealed
“गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सेठी ने बताए पाँच नाश्ते के खाद्य पदार्थ जो फुलाव से बचाते हैं, इनमें केला भी शामिल; ये भोजन आंतों के लिए लाभदायक माने जाते हैं।”
नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है, लेकिन अक्सर गलत विकल्प चुनने से पेट में गैस, भारीपन और फुलाव जैसी समस्याएँ सामने आ जाती हैं। ऐसे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने पाँच ऐसे खाद्य पदार्थ बताए हैं, जिन्हें नाश्ते में शामिल करने से पाचन तंत्र पर बोझ नहीं पड़ता और दिनभर शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है।
क्यों होती है सुबह फुलाव और गैस की समस्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, रातभर खाली पेट रहने के बाद सुबह नाश्ते में यदि अत्यधिक तैलीय, मसालेदार या प्रोसेस्ड फूड लिया जाए, तो यह सीधे पाचन तंत्र पर असर डालता है। इसका नतीजा होता है गैस, पेट दर्द और ब्लोटिंग। लंबे समय तक यह आदत पाचन संबंधी रोगों को भी जन्म दे सकती है।
पाँच विज्ञान-समर्थित नाश्ते के विकल्प
- सॉरडो ब्रेड (Sourdough Bread)
खमीर से बनी यह ब्रेड साधारण ब्रेड की तुलना में आसानी से पचती है। खमीर प्रक्रिया जटिल कार्बोहाइड्रेट्स को पहले से तोड़ देती है, जिससे फुलाव या गैस बनने की संभावना कम हो जाती है। - केला (Bananas)
केले में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में सोडियम का संतुलन बनाए रखता है। यह पानी के जमाव (Water Retention) को कम करता है और ब्लोटिंग से राहत दिलाता है। - दही (Yogurt)
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाते हैं और गैस बनने से रोकते हैं। साथ ही, इसमें मौजूद लैक्टोज पहले से आंशिक रूप से टूट चुका होता है, जिससे लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों को भी राहत मिल सकती है। - एवोकाडो (Avocados)
एवोकाडो में घुलनशील फाइबर और स्वस्थ वसा पाई जाती है, जो पाचन को सुचारू बनाते हैं और कब्ज़ को रोकते हैं। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, लेकिन भारीपन पैदा नहीं करता। - हरी चाय (Green Tea)
हरी चाय में मौजूद कैटेचिन एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण रखते हैं। ये आंतों की सूजन को शांत करते हैं और फुलाव को कम करते हैं। अगर मीठा पसंद हो तो इसमें स्टेविया या मोंक फ्रूट जैसे प्राकृतिक स्वीटनर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन कृत्रिम एडिटिव्स से बचना चाहिए।
विशेषज्ञ की राय
डॉ. सेठी का कहना है कि “सही नाश्ता न केवल दिनभर की ऊर्जा का आधार है, बल्कि यह पाचन तंत्र के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। सॉरडो ब्रेड, केला, दही, एवोकाडो और हरी चाय जैसे विकल्प न केवल हल्के हैं, बल्कि विज्ञान भी इनके लाभों की पुष्टि करता है।”
उन्होंने यह भी सलाह दी कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। ऐसे में भोजन का चुनाव करते समय अपनी सहनशीलता और स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखना चाहिए।
ध्यान रखने योग्य बातें
- यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है।
- यदि किसी को लगातार ब्लोटिंग, गैस या पाचन संबंधी समस्या है तो उसे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
- नाश्ते में जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक प्रोसेस्ड आइटम्स से बचना चाहिए।
