Maruti Suzuki Victoris Goes Tax-Free for Defence Families via CSD, Offers Savings of Up to ₹2.67 Lakh
मारुति सुज़ुकी की नई एसयूवी विक्टोरिस, जो हाल ही में इंडियन कार ऑफ द ईयर 2026 (ICOTY 2026) का खिताब जीत चुकी है, अब कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD) के ज़रिये उपलब्ध हो गई है। इस फैसले से रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि CSD के तहत वाहन खरीदने पर GST से छूट मिलती है, जिससे कुल कीमत में ₹2.67 लाख तक की सीधी बचत हो सकती है।
दिसंबर 2025 से CSD में उपलब्ध कराई गई विक्टोरिस ने सर्विंग डिफेंस पर्सनल, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के बीच खासा आकर्षण पैदा किया है। जहां इसके ऊंचे वेरिएंट्स की सामान्य एक्स-शोरूम कीमत ₹11 लाख से अधिक है, वहीं CSD के तहत इसकी कीमत करीब ₹8.77 लाख तक आ जाती है।
CSD योजना के अंतर्गत वाहन बेहद कम कीमत पर मिलते हैं क्योंकि या तो GST पूरी तरह माफ होता है या बहुत कम दर पर लगाया जाता है। इससे डिफेंस परिवारों को बड़े खर्चों में पारदर्शी और भरोसेमंद बचत मिलती है, जिसमें कोई छिपा हुआ चार्ज शामिल नहीं होता।
मारुति सुज़ुकी ने विक्टोरिस को एक ऑल-राउंडर एसयूवी के रूप में पेश किया है। इसमें 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन, मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प, बेहतर माइलेज और आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। सुरक्षा के मामले में भी यह एसयूवी आगे है और इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है, जो ICOTY 2026 जीतने का एक बड़ा कारण रही।
CSD के तहत विक्टोरिस कई वेरिएंट्स में उपलब्ध है। बेस मॉडल में भी अच्छी बचत मिलती है, जबकि टॉप वेरिएंट्स में टैक्स का हिस्सा ज्यादा होने के कारण अधिकतम फायदा होता है।
विक्टोरिस को CSD से खरीदने के लिए भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना के सेवारत जवानों और पात्र पूर्व सैनिकों को CSD पोर्टल या यूनिट कैंटीन के माध्यम से आवेदन करना होता है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वाहन की डिलीवरी अधिकृत मारुति सुज़ुकी डीलरशिप से दी जाती है।
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि एक अवॉर्ड-विनिंग एसयूवी को CSD में उपलब्ध कराना मारुति सुज़ुकी की रणनीतिक पहल है, जिससे न केवल डिफेंस समुदाय के साथ कंपनी का रिश्ता मजबूत होगा, बल्कि नए मॉडल की बिक्री को भी बढ़ावा मिलेगा।
डिस्क्लेमर: वाहन की कीमतें, बचत और पात्रता शर्तें स्थान, वेरिएंट और CSD नियमों के अनुसार बदल सकती हैं। खरीद से पहले अधिकृत CSD स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करना आवश्यक है।
