January 19, 2026
Top Anti-Inflammatory Drinks to Support Healthy Blood Sugar Levels

Top Anti-Inflammatory Drinks to Support Healthy Blood Sugar Levels

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क्रॉनिक सूजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का मुख्य कारण है, जैसे कि टाइप 2 डायबिटीज और हृदय संबंधी रोग। ऐसे में रोज़ाना कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) पेय शामिल करना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और इन रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। यहाँ कुछ विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए पेय हैं जो सूजन कम करने और ब्लड शुगर नियंत्रण दोनों में लाभकारी हैं:

1. ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल्स खासकर एपिगैलोकैटेचिन गैलैट (EGCG) होते हैं, जो सूजन कम करने में मदद करते हैं। ये यौगिक आंत स्वास्थ्य को भी सुधारते हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं। रोज़ाना ग्रीन टी पीने से ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

2. लो-शुगर गोल्डन मिल्क (Low-Sugar Golden Milk)

गोल्डन मिल्क दूध और हल्दी जैसी एंटी-इंफ्लेमेटरी मसालों से बनाया जाता है। इसमें मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c लेवल को कम करने में मदद कर सकता है। इसे बनाते समय शुगर कम डालना फायदेमंद होता है।

3. कॉफी (Coffee)

कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड (Chlorogenic Acid) होता है, जो सूजन कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करता है। इसे ब्लैक या कम शुगर के साथ पीना सबसे अच्छा है। सीमित मात्रा में कॉफी पीना ब्लड शुगर नियंत्रण के लिए लाभकारी हो सकता है।

4. डेयरी मिल्क (Dairy Milk)

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि डेयरी मिल्क सूजन को कम कर सकता है। इसमें प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व होते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे सीमित मात्रा में और बिना शुगर या लो-फैट वर्ज़न में लेना लाभकारी होता है।

5. 100% वेजिटेबल जूस (Vegetable Juice)

सब्ज़ियों के जूस में कई एंटी-इंफ्लेमेटरी न्यूट्रिएंट्स होते हैं। लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट, शुगर और सोडियम की मात्रा का ध्यान रखना ज़रूरी है। बिना शुगर वाले जूस का सीमित सेवन सूजन और ब्लड शुगर नियंत्रण दोनों में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष:
इन पेयों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना, साथ ही पोर्शन साइज़ और अतिरिक्त शुगर का ध्यान रखना, ब्लड शुगर नियंत्रित रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकता है। किसी भी बड़े बदलाव को अपनाने से पहले हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेना ज़रूरी है।

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