Why Is Kitchen Gardening Making a Comeback in Modern Lifestyles? These 10 Plants Once Grew in Every Indian Home
क्या आपको याद है, जब हमारे दादी-नानी के आंगन में पुदीना, तुलसी, मेथी, करी पत्ता और ऐलोवेरा बिना किसी मेहनत के मिल जाते थे? तब सुपरमार्केट या मंडी से हर छोटी चीज़ लाने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। ज़्यादातर भारतीय घरों में छोटे-से आंगन, बरामदे या छत पर ही सब्ज़ियों और औषधीय पौधों का छोटा-सा बगीचा होता था।
आज जब शहरों की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और केमिकल से लदी सब्ज़ियों ने सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है, लोग एक बार फिर किचन गार्डनिंग की ओर लौट रहे हैं। इसकी खूबसूरती यह है कि ज़्यादा जगह न होने पर भी आप बालकनी, गमले या छत पर ये पौधे उगा सकते हैं।
आइए जानते हैं उन 10 पारंपरिक पौधों के बारे में, जो कभी हर भारतीय घर का हिस्सा हुआ करते थे—और अब भी आसानी से आपके घर में जगह बना सकते हैं।
1. पुदीना (Mint) – ताज़गी और स्वाद का राजा

गर्मियों की ठंडी चटनी, रायता या शरबत—पुदीना हर डिश को ताज़ा बना देता है।
- कैसे उगाएँ: पुदीना की टहनियों को पानी में रखें, जड़ें निकलते ही गमले में रोप दें।
- फायदे: यह पाचन में मदद करता है और गर्मी से राहत देता है।
- ख़ासियत: पुदीना बहुत तेजी से फैलता है, बस मिट्टी को नमी चाहिए।
2. तुलसी (Holy Basil) – औषधीय और धार्मिक महत्व वाला पौधा

तुलसी न सिर्फ़ पूजा में, बल्कि सेहत में भी अहम भूमिका निभाती है।
- कैसे उगाएँ: छोटे पौधे या बीज से तुलसी को गमले या आंगन में लगाएँ।
- फायदे: सर्दी-जुकाम, खांसी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार।
- ख़ासियत: सुबह-शाम तुलसी के पौधे से घर का वातावरण भी सकारात्मक माना जाता है।
3. मिर्च (Chilli) – हर डिश की जान

भोजन में तीखापन और स्वाद लाने के लिए मिर्च सबसे ज़रूरी है।
- कैसे उगाएँ: बीज को पहले ट्रे में अंकुरित करें, फिर गमले या ज़मीन में रोप दें।
- फायदे: इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में मिलता है।
- ख़ासियत: नियमित धूप मिलने पर गमले में भी ढेर सारी मिर्च लगती है।
4. प्याज़ (Onion) – हर रसोई का आधार

सलाद से लेकर सब्ज़ी तक, प्याज़ के बिना रसोई अधूरी है।
- कैसे उगाएँ: अगस्त–अक्टूबर में बीज 1 इंच गहराई पर बोएँ।
- फायदे: प्याज़ ब्लड शुगर कंट्रोल और हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है।
- ख़ासियत: 7–10 दिन में अंकुरण हो जाता है और धीरे-धीरे कंद बनने लगता है।
5. भिंडी (Ladyfinger/Okra) – बच्चों की पसंदीदा सब्ज़ी

फाइबर और विटामिन से भरपूर भिंडी हर घर की डिश में फिट बैठती है।
- कैसे उगाएँ: ½ इंच गहराई पर बीज बोएँ, सुबह पानी दें।
- फायदे: पाचन के लिए बेहद फायदेमंद।
- ख़ासियत: गर्मी में खूब फलती है और देखभाल आसान है।
6. करेला (Bitter Gourd) – कड़वा पर गुणों से भरा

करेला सेहत का खजाना है, खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए।
- कैसे उगाएँ: वसंत ऋतु में बीज बोना सही रहता है।
- फायदे: ब्लड शुगर कंट्रोल और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक।
- ख़ासियत: इसकी बेल को सहारा देना पड़ता है क्योंकि यह 10–15 फीट तक फैल सकती है।
7. धनिया (Coriander) – खाने की सजावट का हीरो
धनिया पत्ते से हर डिश का स्वाद दोगुना हो जाता है।
- कैसे उगाएँ: बीज सीधे गमले या ज़मीन में डालें।
- फायदे: पाचन और डिटॉक्स में मदद करता है।
- ख़ासियत: इसकी पत्तियाँ, डंठल और बीज तीनों काम आते हैं।
8. मेथी (Fenugreek) – सर्दियों का सुपरफूड

मेथी के पराठे और साग सर्दियों की पहचान हैं।
- कैसे उगाएँ: बीज मिट्टी में छिड़क दें और हल्की धूप में रखें।
- फायदे: डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और पाचन के लिए लाभकारी।
- ख़ासियत: सिर्फ़ 15–20 दिन में हरी पत्तियाँ खाने लायक हो जाती हैं।
9. करी पत्ता (Curry Leaves) – सुगंध और स्वाद का खज़ाना

दक्षिण भारतीय व्यंजनों का स्वाद करी पत्ते के बिना अधूरा है।
- कैसे उगाएँ: बीज या डंठल से पौधा लगाया जा सकता है।
- फायदे: यह पाचन में मदद करता है और आयरन से भरपूर है।
- ख़ासियत: एक बार लगाने के बाद सालों तक झाड़ी की तरह बना रहता है।
10. ऐलोवेरा (Aloe Vera) – सौंदर्य और सेहत दोनों का साथी

ऐलोवेरा घर-घर में औषधीय पौधे के रूप में इस्तेमाल होता है।
- कैसे उगाएँ: छोटे पौधे (पप्पी) को गमले में लगाएँ।
- फायदे: त्वचा, बाल और पेट की सेहत के लिए कारगर।
- ख़ासियत: इसे ज्यादा पानी की ज़रूरत नहीं, धूप में आसानी से पनपता है।
क्यों ज़रूरी है किचन गार्डनिंग?
- ताज़ा और सुरक्षित: सीधे पौधे से तोड़ी गई सब्ज़ी में कोई केमिकल नहीं होता।
- सेहतमंद जीवनशैली: पौधे लगाने और देखभाल करने से मानसिक शांति मिलती है।
- बचत: रोज़ाना बाज़ार से सब्ज़ियां खरीदने की झंझट कम होती है।
- हरियाली और पॉज़िटिविटी: घर में पौधे होने से वातावरण शुद्ध और खुशनुमा रहता है।
अगर आप भी हेल्दी और सस्टेनेबल लाइफ़स्टाइल चाहते हैं, तो इन पौधों से अपना किचन गार्डन ज़रूर शुरू करें। बस थोड़ी-सी जगह, कुछ गमले और थोड़ा-सा समय—और आपका घर फिर से पुराने दिनों की तरह हरा-भरा और पौष्टिक हो जाएगा।
