हरियाणा के नूंह जिले में सोमवार सुबह घने कोहरे के कारण दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे सहित कई सड़कों पर एक के बाद एक सड़क हादसे हो गए। इन दुर्घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
सबसे भीषण हादसा मुंबई एक्सप्रेसवे पर रानियाला पताकपुर गांव के पास हुआ, जहां बेहद कम दृश्यता के चलते 10 से 12 वाहन और दो ट्रक आपस में टकरा गए। इस हादसे में अलवर के आंबेडकर नगर निवासी सीआईएसएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, जयपुर निवासी खलील ने भी इस दुर्घटना में दम तोड़ दिया।
हादसे में चार से पांच अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल किया। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
एक अन्य घटना दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर पिलर नंबर 45 के पास बनारसी गांव के नजदीक हुई, जहां घने कोहरे के कारण सात से आठ वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा दिल्ली–अलवर मार्ग पर घसेड़ा गांव के पास एक रोडवेज बस और ट्रैक्टर की टक्कर हो गई। इस हादसे में भी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सोमवार सुबह से ही नूंह जिले में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग स्थानों पर कई हादसे हुए, जिनमें कुल मिलाकर आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान सावधानी बरतें, सीमित गति में वाहन चलाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।


