Rising Heart Diseases Among Youth: Timely Awareness Is the Need of the Hour
विशेषज्ञों की सलाह: नियमित स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली में बदलाव हैं सबसे ज़रूरी
दिल की बीमारियां अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रहीं। आजकल 20 और 30 की उम्र वाले युवाओं में भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसे गंभीर मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल करीब 1.79 करोड़ लोगों की मौत दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है, जिनमें एक तिहाई से अधिक लोग 70 वर्ष से कम उम्र के होते हैं।
क्या हैं ये बीमारियां?
कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज़ (CVDs) में कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़, स्ट्रोक, रूमेटिक हार्ट डिज़ीज़ और अन्य हृदय व रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां शामिल होती हैं। पिछले कुछ वर्षों में विशेषज्ञों ने 40 साल से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की घटनाओं में चौंकाने वाली बढ़ोतरी देखी है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा युवाओं में?
आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में हृदय पर लगातार दबाव बना रहता है। यह न केवल मानसिक रूप से, बल्कि शारीरिक रूप से भी शरीर को कमजोर करता है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- अत्यधिक तनाव और बर्नआउट
- शारीरिक गतिविधि की कमी और नींद की खराब गुणवत्ता
- अत्यधिक नमक, चीनी और ट्रांस फैट वाला भोजन
- धूम्रपान, शराब और ड्रग्स का सेवन
- अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़
- पारिवारिक इतिहास में हृदय रोग होना
- कोविड-19 जैसी बीमारियों के बाद शरीर में सूजन रह जाना
बढ़ती स्क्रीन टाइम, ऑफिस वर्क और शारीरिक निष्क्रियता ने मेटाबोलिक विकारों जैसे मोटापा, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल असंतुलन को जन्म दिया है। साथ ही प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड की आदतों ने स्थिति और गंभीर बना दी है।
क्या करें बचाव के लिए?
1. जीवनशैली में बदलाव करें
हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना, दौड़ना, योग या किसी भी शारीरिक गतिविधि में समय दें। वजन नियंत्रित रखें और 7-8 घंटे की नींद ज़रूरी है।
2. संतुलित और पौष्टिक आहार लें
फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, मछली, दालों और नट्स को आहार में शामिल करें। प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक-शक्कर और सैचुरेटेड फैट से दूरी बनाएं। भरपूर पानी पिएं।
3. तनाव को करें नियंत्रित
योग, प्राणायाम, ध्यान जैसी तकनीकों से मानसिक तनाव को कम करें।
4. धूम्रपान से दूरी बनाएं
सिगरेट हो या वैपिंग—दोनों ही दिल के लिए हानिकारक हैं। इन्हें पूरी तरह छोड़ें।
5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल की जांच समय-समय पर कराते रहें। समय रहते पता चलने पर इलाज आसान होता है।
6. पारिवारिक इतिहास पर नज़र रखें
यदि परिवार में किसी को कम उम्र में हृदय रोग हुआ है तो अपनी जांच और सतर्कता बढ़ाएं।
7. स्क्रीन टाइम घटाएं, सक्रिय रहें
लंबे समय तक बैठने की बजाय हर कुछ घंटे में हल्की फुलकी गतिविधियां करें।
अंत में…
दिल की बीमारियां अचानक नहीं होतीं—ये धीरे-धीरे बनती हैं। पर समय पर सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर इनसे बचा जा सकता है।
आज से अपने दिल की रक्षा करें — कल हो सकता है बहुत देर हो जाए।
