Oracle Layoffs Shock Employees: India Among Worst-Hit As Thousands Lose Jobs
Oracle में अचानक हुई छंटनी ने दुनियाभर के कर्मचारियों को झटका दे दिया है। हजारों कर्मचारियों को सुबह-सुबह, कुछ मामलों में 5–6 बजे के बीच, लेऑफ ईमेल भेजकर नौकरी से निकाल दिया गया।
कई कर्मचारियों ने बताया कि यह सूचना सीधे कंपनी के नेतृत्व की ओर से आई, जबकि उनके मैनेजर या HR टीम से पहले कोई बातचीत नहीं हुई थी।
अचानक सिस्टम एक्सेस बंद
ईमेल मिलने के तुरंत बाद कई कर्मचारियों का VPN और Slack जैसे इंटरनल टूल्स का एक्सेस भी बंद कर दिया गया, जिससे वे बिना किसी ट्रांजिशन के सिस्टम से बाहर हो गए।
भारत में सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत इस छंटनी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। यहां करीब 10,000 से 12,000 कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है, जबकि कुल वर्कफोर्स लगभग 50,000 बताई जा रही है।
वैश्विक स्तर पर यह संख्या करीब 30,000 तक पहुंचने का अनुमान है, हालांकि कंपनी ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
किन टीमों पर असर
छंटनी कई विभागों में की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- Oracle Cloud Infrastructure (OCI)
- Revenue and Health Sciences (RHS)
- SaaS और Virtual Operations
- NetSuite जैसे डेवलपमेंट सेंटर
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ ऑटोमेटेड ईमेल के जरिए ही अपनी नौकरी जाने की जानकारी मिली, जो प्रक्रिया को और भी असंवेदनशील बनाता है।
AI और लागत में कटौती बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर विस्तार पर फोकस से जुड़ा है। Oracle अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए बड़े स्तर पर पुनर्गठन कर रही है।
इसी रणनीति के तहत कंपनी एक तरफ AI में निवेश बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की संख्या कम कर लागत नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
इस अचानक फैसले ने कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कई लोगों ने यह भी बताया कि जहां एक तरफ छंटनी हो रही है, वहीं दूसरी ओर मैनेजर्स से AI स्किल्स वाले कर्मचारियों की पहचान करने को कहा जा रहा है।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि टेक कंपनियां AI में बड़े निवेश और लागत नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसका असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
