February 5, 2026
Mobile Use Can Damage Your Skin: Know How Blue Light Affects Your Skin

Mobile Use Can Damage Your Skin: Know How Blue Light Affects Your Skin

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आज के दौर में मोबाइल फोन इंसानी जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलते ही और रात को सोने से पहले तक, अधिकतर लोगों के हाथ में मोबाइल जरूर होता है। चाहे ऑफिस का काम हो, सोशल मीडिया या एंटरटेनमेंट — दिनभर में घंटों स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखना आम बात हो गई है।

डॉक्टर पहले से ही यह चेतावनी देते आए हैं कि मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन बहुत कम लोग इस बात को समझते हैं कि मोबाइल फोन सिर्फ आंखों ही नहीं, बल्कि त्वचा (स्किन) के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

दरअसल, मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट (HEV रेडिएशन) त्वचा को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। यह किरणें त्वचा की गहराई तक प्रवेश कर कोलेजन ब्रेकडाउन, पिगमेंटेशन और झुर्रियों जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। लंबे समय तक मोबाइल के संपर्क में रहने से आपकी स्किन समय से पहले बूढ़ी दिख सकती है।

इस लेख में हम बताएंगे कि कैसे मोबाइल रेडिएशन आपकी त्वचा पर असर डालता है और इससे बचाव के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाने चाहिए।

1.ब्लू लाइट क्या होती है?

मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, टैबलेट, LED बल्ब आदि से निकलने वाली *High Energy Visible (HEV) light, जिसे आमतौर पर *ब्लू लाइट कहा जाता है, एक प्रकार की कम तरंगदैर्ध्य (short wavelength) और ज्यादा ऊर्जा वाली प्रकाश किरण होती है। यह सूरज की किरणों में भी मौजूद होती है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निकली ब्लू लाइट लगातार और नजदीक से त्वचा पर पड़ती है।

2. त्वचा पर ब्लू लाइट के वैज्ञानिक प्रभाव

a) ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress)

  • ब्लू लाइट त्वचा की कोशिकाओं में फ्री रेडिकल्स पैदा करती है।
  • ये फ्री रेडिकल्स त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और कोलेजन ब्रेकडाउन करते हैं, जिससे त्वचा में झुर्रियाँ और ढीलापन आने लगता है।

b) पिगमेंटेशन और रंगत का असंतुलन

  • ब्लू लाइट मेलानोसाइट्स (Melanocytes) को उत्तेजित करती है जो मेलानिन (त्वचा में रंग देने वाला तत्व) अधिक मात्रा में उत्पन्न करते हैं।
  • इससे त्वचा पर काले धब्बे, झाइयाँ और हाइपरपिगमेंटेशन हो सकता है, खासकर गालों और आंखों के नीचे।

त्वचा की उम्र तेजी से बढ़ना (Photoaging)

  • लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने से त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिसे “डिजिटल एजिंग” भी कहा जाता है।
  • यह स्थिति सूरज की पराबैंगनी किरणों (UV rays) से होने वाली aging जितनी ही गंभीर हो सकती है।

3. ब्लू लाइट बनाम UV लाइट

विशेषताUV लाइटHEV ब्लू लाइट
स्रोतसूर्यमोबाइल, लैपटॉप, LED आदि
त्वचा में गहराईएपिडर्मिस से अंदरडर्मिस तक प्रवेश
प्रमुख प्रभावसनबर्न, कैंसरझुर्रियां, पिगमेंटेशन
सुरक्षा समाधानसनस्क्रीन (SPF)ब्लू लाइट फिल्टर, एंटीऑक्सिडेंट

4. वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहते हैं?

“HEV ब्लू लाइट त्वचा में रंजकता को सूर्य की UVA किरणों से भी ज्यादा बढ़ा सकती है।”

“ब्लू लाइट के कारण स्किन में ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है, जिससे फोटोएजिंग और कोलेजन लॉस होता है।”

सीमाएँ:

  • अधिकतर अध्ययन इन-विट्रो (lab-based) या एनिमल मॉडल्स पर आधारित हैं।
  • मानव त्वचा पर लंबे समय का असर जानने के लिए अभी और गहन शोध की आवश्यकता है।

5. बचाव के प्रभावी उपाय

ब्लू लाइट से बचने के आसान तरीके:

उपायविवरण
📵 स्क्रीन टाइम सीमित करेंहर 20 मिनट पर 20 सेकंड का ब्रेक लें
🌙 नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टरमोबाइल, लैपटॉप में इनबिल्ट सेटिंग का उपयोग करें
🧴 एंटीऑक्सिडेंट स्किनकेयरविटामिन C, E, ग्रीन टी युक्त क्रीम उपयोग करें
🧢 भौतिक सुरक्षास्किन कवर, फेस मास्क, ब्लू लाइट ब्लॉकिंग ग्लास
💧 स्किन को हाइड्रेट रखेंरोजाना 2–3 लीटर पानी पिएं और मॉइस्चराइजर लगाएं
🎧 हेडफोन का उपयोगकॉल के दौरान फोन को चेहरे से दूर रखें

6. किन लोगों को अधिक खतरा?

  • जो लोग रोजाना 5–8 घंटे या उससे अधिक स्क्रीन पर समय बिताते हैं
  • ऑफिस वर्कर्स, स्टूडेंट्स, यूट्यूब क्रिएटर्स
  • पहले से मौजूद त्वचा की समस्याओं (एक्ने, पिगमेंटेशन) वाले लोग

निष्कर्ष:

  • मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निकलने वाली ब्लू लाइट त्वचा को वास्तविक नुकसान पहुंचा सकती है, विशेषकर जब उसका अत्यधिक और निकटतम उपयोग हो।
  • प्रभाव धीरे-धीरे सामने आते हैं — त्वचा की थकावट, असमान रंगत, उम्र का जल्दी दिखना और संवेदनशीलता
  • जबकि वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं, लेकिन रोकथाम की रणनीतियाँ अपनाना समझदारी भरा कदम है।

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