Ghaziabad Tragedy: Three Minor Sisters Die by Suicide After Jumping From Ninth Floor, ‘Sorry Papa’ Note Found
गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक आवासीय सोसायटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने कथित तौर पर नौवीं मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके से बरामद सुसाइड नोट में लिखा था, “सॉरी पापा… मुझे बहुत माफ करना,” जिसने परिवार और रिश्तेदारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना मंगलवार देर रात टीला मोड़ थाना क्षेत्र के भारत सिटी सोसायटी में हुई। तीनों लड़कियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी बुधवार सुबह सामने आने के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई।
जांच अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बहनों ने अपने पिता से एक डायरी पढ़ने को कहा है, जिसे उन्होंने अपनी “असली जीवन कहानी” बताया है। नोट के अंत में पिता से माफी मांगी गई थी और एक रोते हुए इमोजी का भी इस्तेमाल किया गया था, जो गहरे मानसिक तनाव की ओर इशारा करता है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन संस्कृति से काफी प्रभावित थीं और ऑनलाइन गेमिंग में अत्यधिक समय बिताती थीं। हालांकि किसी खास मोबाइल ऐप का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस ने पुष्टि की है कि तीनों ऑनलाइन गेमिंग की आदी थीं। बताया गया है कि परिवार ने उनका मोबाइल इस्तेमाल सीमित कर दिया था और पिता ने घटना से एक दिन पहले ही उन्हें नए फोन खरीदने को कहा था।
#WATCH गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद के DCP निमिष पाटिल ने कहा, "अभी तक की जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चियों ने आत्महत्या की है। हमें एक नोट भी प्राप्त हुआ है जिसकी आधिकारिक जांच की जा रही है। जांच में किसी ऐप का नाम नहीं है लेकिन नोट में लिखा है कि लड़कियां कोरियन… https://t.co/RCQSt6u2dR pic.twitter.com/oMPwl8BPu9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2026
गाजियाबाद के डीसीपी निमिष पाटिल ने कहा कि अब तक की जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है और सुसाइड नोट की आधिकारिक जांच की जा रही है। परिवार घटना के समय घर में मौजूद था, लेकिन सभी सो रहे थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कोविड-19 महामारी के बाद तीनों बहनों ने पढ़ाई छोड़ दी थी और धीरे-धीरे वे सामाजिक गतिविधियों से कटती चली गईं। अधिकारी उनके लंबे समय तक ऑनलाइन कंटेंट और गेमिंग से जुड़े रहने के साथ-साथ महामारी के बाद सामाजिक अलगाव के प्रभाव की भी जांच कर रहे हैं।
परिवार करीब तीन साल पहले दिल्ली से गाजियाबाद की इस सोसायटी में शिफ्ट हुआ था। घर में पिता, उनकी दो पत्नियां, एक बेटा और तीन बेटियां रहती थीं। घटना के बाद अब घर में केवल माता-पिता और बेटा रह गए हैं। बेटा पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के इलाज में बताया जा रहा है।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों और किशोरों के व्यवहार में आने वाले बदलावों, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और भावनात्मक तनाव के संकेतों पर सतर्क रहें। प्रभावित परिवार और सोसायटी के निवासियों के लिए काउंसलिंग सहायता पर भी विचार किया जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद या आत्महत्या से जुड़े विचारों से जूझ रहा है, तो तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, परामर्शदाता या नज़दीकी हेल्पलाइन से संपर्क करें। मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि ज़रूरी कदम है।
