मुंबई के एक रिहायशी भवन में एक सामान्य लिफ्ट यात्रा कुछ ही सेकंड में खौफनाक हादसे में बदल गई। यह घटना गोरेगांव वेस्ट में पेट्रोल पंप के सामने स्थित अनमोल टावर्स में हुई। एक महिला ट्रॉली के साथ लिफ्ट में दाखिल हुई थी। इसके बाद एक व्यक्ति प्लास्टिक की थैली में भरे गुब्बारों के साथ अंदर आया, और फिर एक युवक बैकपैक पहने लिफ्ट में चढ़ा। लिफ्ट के दरवाजे बंद होते ही तीनों एक बंद जगह में फंस गए।
कुछ पलों तक सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन अचानक गुब्बारों में विस्फोट हो गया। देखते ही देखते लिफ्ट के अंदर आग भड़क उठी और धुआं भर गया। लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे में यह पूरी घटना कैद हो गई, जिसमें साफ नजर आता है कि हालात कितनी तेजी से बेकाबू हो गए।
CCTV फुटेज के मुताबिक, जैसे ही महिला ने शीशे की ओर मुड़कर देखा, उसी वक्त गुब्बारों में आग लग गई। आशंका जताई जा रही है कि यह आग किसी चिंगारी या स्टैटिक डिस्चार्ज के कारण लगी। बताया गया है कि गुब्बारों में हाइड्रोजन गैस भरी हुई थी, जो बेहद ज्वलनशील होती है और बंद जगहों में आसानी से आग पकड़ लेती है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ पलों के लिए कैमरे का दृश्य भी ढक गया।
हालात बिगड़ते देख तीनों ने तुरंत बाहर निकलने की कोशिश की। लिफ्ट के दरवाजे खुलते ही वे किसी तरह बाहर निकल आए। इस हादसे में दो लोगों को मामूली जलने की चोटें आईं, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा नुकसान या जानमाल की हानि नहीं हुई।
बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि गुब्बारे हाइड्रोजन गैस से भरे हुए थे, जिनका इस्तेमाल अक्सर सजावट या सड़क किनारे बिक्री के लिए किया जाता है। प्रशासन पहले भी लोगों को चेतावनी देता रहा है कि ऐसी ज्वलनशील गैस से भरे गुब्बारों को लिफ्ट जैसी बंद जगहों में ले जाना बेहद खतरनाक है।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद रिहायशी इमारतों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और हाउसिंग सोसायटियों ने लोगों से सतर्क रहने और अपार्टमेंट परिसरों में किसी भी तरह के खतरनाक या ज्वलनशील सामान के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने की अपील की है।


