दिल्ली में एक दर्दनाक सड़क हादसे के मामले में बीएमडब्ल्यू कार चालक गगनप्रीत कौर को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह हादसा रविवार को दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ था, जब वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह और उनकी पत्नी संदीप कौर अपनी मोटरसाइकिल से बंगला साहिब गुरुद्वारा से घर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में नवजोत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय बीएमडब्ल्यू गाड़ी गगनप्रीत चला रही थीं और उनके पति पारिक्षित यात्री सीट पर थे। सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाने के बजाय उन्हें करीब 17–19 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित नूलाइफ मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल क्यों पहुंचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस अस्पताल का संबंध आरोपी पक्ष के एक परिचित से है।
नूलाइफ अस्पताल की डायरेक्टर शकुंतला कुमार ने पुष्टि की कि 14 सितंबर को हादसे में घायल दंपति को उनके अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि नवजोत सिंह मृत अवस्था में पहुंचे, जबकि संदीप कौर गंभीर रूप से घायल थीं। प्राथमिक उपचार और पुलिस को सूचना देने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। साथ ही गगनप्रीत और उनके पति पारिक्षित का भी इमरजेंसी विभाग में इलाज किया गया। गगनप्रीत को डिस्चार्ज होते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि पारिक्षित को आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।
इस मामले में कैब ड्राइवर गुलफाम की भूमिका पर भी जांच हो रही है, जिसने घायलों को मौके से अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस उससे पूछताछ करेगी कि आखिर धौला कुआं से मुखर्जी नगर तक क्यों ले जाया गया और पूरे रास्ते पर क्या स्थिति रही।
पीड़ित दंपति के बेटे ने भी अस्पताल और आरोपी चालक पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उसने आरोप लगाया कि माता-पिता को जानबूझकर दूर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जिससे कीमती समय बर्बाद हुआ। साथ ही उसने शक जताया कि अस्पताल में झूठा मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट तैयार कराने की कोशिश की गई होगी।
हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को बीएमडब्ल्यू सड़क किनारे गिरी मिली, जबकि मोटरसाइकिल डिवाइडर के पास खड़ी थी। मामले की गहन जांच जारी है।


