Caught on Camera: Pet Husky Attacks Woman Inside Gurugram Society, Sparks Fresh Outcry Over Dog Safety
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित एक हाई-एंड रिहायशी सोसाइटी में रविवार शाम टहल रही एक महिला पर उस समय आतंक टूट पड़ा, जब एक पालतू हस्की ने अचानक उस पर झपट्टा मारा और हाथ पकड़कर लगभग 15 सेकंड तक छोड़ा नहीं। यह भयावह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें महिला की चीखें और लोगों की बदहवासी साफ नजर आती है।
वीडियो में दिख रहा है कि महिला अपने दोस्तों के साथ आराम से टहल रही थी, तभी सामने से आ रहे एक अन्य निवासी के पालतू हस्की ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने महिला के हाथ को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उसे नीचे गिरा दिया। मालिक ने उसे खींचने की कोशिश की और अन्य लोग उसे लात मारकर छुड़ाने की कोशिश करते रहे, लेकिन कुत्ता लगभग 15 सेकंड तक नहीं छोड़ा। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद महिला को छुड़ाया गया। वह दर्द से कराहती हुई उठी और साफ तौर पर डरी-सहमी नजर आई।
यह घटना इसलिए और अधिक चिंताजनक है क्योंकि यह एक सुरक्षित रिहायशी परिसर में पालतू जानवर द्वारा किया गया हमला था। इससे शहरी सोसाइटियों में पालतू कुत्तों की सुरक्षा व्यवस्था और ज़िम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर के कई गेटेड सोसाइटियों में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं, जहां टहलते वक्त या रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान लोग पालतू कुत्तों द्वारा घायल हो चुके हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देशभर में पालतू और आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी महीने की शुरुआत में दिल्ली के एक पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान एक 55 वर्षीय व्यक्ति की आवारा कुत्तों के झुंड द्वारा हमला किए जाने से मौत हो गई थी।
इन बढ़ती घटनाओं से सार्वजनिक आक्रोश और न्यायिक चिंता बढ़ी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी आवारा कुत्तों के खतरे पर संज्ञान लिया है, वहीं कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स बनाने की मांग की है।
सार्वजनिक भावना अब पालतू जानवरों पर सख्त नियम लागू करने की ओर बढ़ रही है। पालतू मालिकों से आग्रह किया जा रहा है कि वे अपने कुत्तों को टहलाते समय हमेशा पट्टे और मज़ल का उपयोग करें और उन्हें प्रशिक्षित रखें, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर। कई लोग मानते हैं कि सार्वजनिक स्थानों में पालतू जानवर को नियंत्रण में न रखना न केवल लापरवाही है, बल्कि गंभीर खतरा भी है।
गुरुग्राम की यह घटना एक सख्त चेतावनी है — यदि पालतू कुत्तों को ठीक से नियंत्रित नहीं किया गया, तो वे भीषण खतरा बन सकते हैं। जैसे-जैसे इस मुद्दे पर सख्त कानूनों और सुरक्षित व्यवहार की मांग तेज हो रही है, पालतू मालिकों की जिम्मेदारी है कि वे न केवल अपने पालतू जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, बल्कि आसपास के लोगों की भी।
