February 25, 2026
Illegal Egg Extraction Racket Busted in Badlapur; Inter-State Network Linked to Bengaluru and Telangana Exposed

Illegal Egg Extraction Racket Busted in Badlapur; Inter-State Network Linked to Bengaluru and Telangana Exposed

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महाराष्ट्र के बदलापुर में अवैध मानव अंडाणु (एग) निकासी और तस्करी से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और इसके तार बेंगलुरु तथा तेलंगाना तक जुड़े हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस गिरोह के जरिए 40 से अधिक महिलाओं के शोषण की आशंका जताई जा रही है।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सचिन गोरे ने बताया कि सोमवार रात सोनल गरेवाल नामक महिला को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के अवैध सोनोग्राफी कराने में मदद कर रही थी और अपने घर पर ओव्यूलेशन बढ़ाने वाली दवाएं व उपकरण रखती थी।

पुलिस ने विभिन्न ठिकानों से करीब ₹9.5 लाख से ₹10 लाख मूल्य के अवैध हार्मोनल इंजेक्शन और चिकित्सा सामग्री जब्त की है। मामले की जांच के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अन्य अवैध केंद्रों और संबंधित लोगों की पहचान कर रही हैं।

मामला तब सामने आया जब एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अंडाणु दान के बदले उसे भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कथित सरगना सुलक्षणा गाडेकर के घर पर छापा मारा गया, जहां से बड़ी मात्रा में हार्मोनल इंजेक्शन और चिकित्सा सामग्री बरामद हुई।

जांच के दौरान अश्विनी चाबुस्कर और मंजुषा वानखेड़े को भी गिरफ्तार किया गया, जिससे एक संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट होने के संकेत मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, महिलाओं को प्रति डोनेशन ₹25,000 से ₹30,000 देने का लालच दिया जाता था। बदलापुर में हार्मोन इंजेक्शन देने के बाद उन्हें नागपुर, पुणे, नासिक सहित दक्षिण भारत के कुछ शहरों में अंडाणु निकासी के लिए ले जाया जाता था।

प्रारंभिक जांच में सहायक प्रजनन तकनीक अधिनियम, 2021 (Assisted Reproductive Technology Act, 2021) के गंभीर उल्लंघन के संकेत मिले हैं। इस कानून के तहत एक महिला जीवन में केवल एक बार अंडाणु दान कर सकती है। एक मामले में एक महिला से कथित रूप से 33 बार यह प्रक्रिया कराए जाने का खुलासा हुआ है।

उल्हासनगर और ठाणे के दो निजी अस्पतालों की भी जांच की जा रही है, जहां बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के सोनोग्राफी किए जाने का संदेह है। पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।

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