February 13, 2026
Mumbai–Nagpur High-Speed Rail Back in Focus After Vande Bharat Express Launch

Mumbai–Nagpur High-Speed Rail Back in Focus After Vande Bharat Express Launch

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पुणे–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त को हरी झंडी दिखाई। इसी के साथ लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी महत्वाकांक्षी मुंबई–नागपुर बुलेट ट्रेन परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कभी महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी का गेम-चेंजर मानी जाने वाली इस योजना को करीब साढ़े तीन साल पहले रोक दिया गया था। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी अहमियत दोहराई है और संकेत दिए हैं कि यह मेगा प्रोजेक्ट सरकार के एजेंडे में वापस आ सकता है।

फडणवीस का बड़ा संकेत

नागपुर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना समृद्धि महामार्ग के साथ प्रस्तावित है और फिलहाल केंद्र और रेलवे मंत्रालय इसकी समीक्षा कर रहे हैं। हाई-स्पीड रेल लाइन पर ट्रेनें 330–350 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी, जिससे मुंबई–नागपुर का सफर केवल 2 से 2.15 घंटे में पूरा होगा।

उन्होंने कहा, “मंत्रालय ने रूट का अध्ययन पूरा कर लिया है। 78% काम तेजी से आगे बढ़ सकता है, लेकिन शेष 22% हिस्से में साझा प्रयासों की जरूरत होगी। अगले कदमों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।”

परियोजना की मुख्य झलकियां

  • कुल लंबाई: 749 किमी
  • ट्रैक चौड़ाई: 17.5 मीटर (समृद्धि महामार्ग के साथ)
  • यात्री क्षमता: 750
  • अधिकतम गति: 330–350 किमी/घंटा
  • अनुमानित यात्रा समय: 2 से 2.15 घंटे
  • संपर्क: 10 ज़िले, 14 स्टेशन, 15 सुरंगें
  • भूमि अधिग्रहण: 1245.61 हेक्टेयर

निर्माण की प्रगति

नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार:

  • स्टेशन: 12 प्रस्तावित स्टेशनों में से गुजरात के वapi, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती समेत आठ पर नींव का काम पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र में ठाणे, विरार और बोइसर पर कार्य जारी है। मुंबई के बीकेसी टर्मिनल पर खुदाई लगभग पूरी हो चुकी है और बेस स्लैब कास्टिंग शुरू हो गई है।
  • पुल: 17 नदी पुल पूरे हो चुके हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में चार-चार बड़े पुलों पर काम चल रहा है।
  • सुरंग: गुजरात की एकमात्र सुरंग पूरी हो चुकी है। महाराष्ट्र में 21 किमी लंबी महत्वाकांक्षी अंडरसी सुरंग का कार्य शुरू हो चुका है, वहीं घनसोली–शिलफाटा के बीच 4 किमी का हिस्सा तैयार है।

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना ने अब तक निर्माण, सप्लाई चेन और सेवाओं के जरिए बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा किए हैं। हालांकि, अंतिम समयसीमा और लागत का अनुमान तभी लगाया जा सकेगा जब सिविल, ट्रैक, इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग कार्यों में और प्रगति होगी।

अगर मुंबई–नागपुर हाई-स्पीड रेल को दोबारा मंजूरी मिलती है, तो यह न केवल समृद्धि महामार्ग को पूरक साबित होगी, बल्कि महाराष्ट्र को अत्याधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का हब बनाने की दिशा में अहम कदम होगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा कुछ ही घंटों में पूरी हो सकेगी।

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