Row Over Senior Citizen Lower Berth Allocation Sparks Debate, IRCTC Clarifies Railway Rules
रेलवे में बर्थ आवंटन को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यात्री ने दावा किया कि 82 वर्षीय महिला के लिए टिकट बुक करने के बावजूद उन्हें लोअर बर्थ नहीं मिली, जबकि बुकिंग के समय सीटें उपलब्ध थीं। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने नियमों को स्पष्ट किया।
IRCTC ने बताया कि Indian Railways की कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उपलब्धता के आधार पर स्वतः लोअर बर्थ आवंटित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह पूरी तरह बुकिंग के समय उपलब्धता पर निर्भर करता है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान “केवल लोअर बर्थ उपलब्ध होने पर ही बुकिंग” का विकल्प भी दिया जाता है।
इस बीच, Dibrugarh Rajdhani Express में एक टीटीई का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने बताया कि यदि एक ही टिकट पर दो से अधिक यात्री बुक होते हैं, तो वरिष्ठ नागरिक कोटा लागू नहीं होता और लोअर बर्थ की गारंटी नहीं रहती।
वरिष्ठ नागरिक लोअर बर्थ कोटा के प्रमुख नियम
- स्लीपर क्लास: प्रति कोच 6–7 लोअर बर्थ आरक्षित
- एसी 3-टियर: 4–5 लोअर बर्थ आरक्षित
- एसी 2-टियर: 3–4 लोअर बर्थ आरक्षित
ये बर्थ वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी जाती हैं।
उपनगरीय ट्रेनों में भी प्रथम और अंतिम जनरल डिब्बों में कम से कम सात सीटें वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होती हैं।
टिकट बुकिंग के समय आयु प्रमाण देना आवश्यक नहीं है, लेकिन यात्रा के दौरान वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है।
