मौसम विभाग के भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच बुधवार को हिमाचल प्रदेश में पांच जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई। श्रीखंड के भीमडवारी और नंती, किन्नौर के पूह, लाहौल की मयाड़ घाटी और कुल्लू की तीर्थन घाटी में बादल फटने से पुल, सड़कें, मकान और वाहन बह गए।
भीमडवारी और नंती में आई बाढ़ से गानवी में दो शेड बह गए, छह शेड डूब गए और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस चौकी में पानी घुस गया। कुल्लू की तीर्थन घाटी में पांच गाड़ियां और चार कॉटेज बह गए, हालांकि कॉटेज खाली थे। बंजार क्षेत्र में दो पुल टूट गए, जबकि निरमंड की कुर्पण खड्ड के उफान पर आने से बागीपुल बाजार खाली करवाना पड़ा।
लाहौल की मयाड़ घाटी में करपट गांव खाली कराकर 22 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। किन्नौर के पूह में बादल फटने से आईटीबीपी कैंप के पास सड़क निर्माण में लगी कंपनी की मशीनरी बह गई और पांच कर्मचारी फंस गए, जिनका रेस्क्यू जारी है।
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में दो नेशनल हाईवे समेत 323 सड़कें बंद हो गईं। 70 बिजली ट्रांसफार्मर और 130 पेयजल योजनाएं ठप हो गईं, जिससे कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई प्रभावित है।
कांगड़ा, चंबा और मंडी में वीरवार को भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 15 अगस्त को सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मानसून में अब तक का भारी नुकसान
20 जून से 12 अगस्त तक हिमाचल में 241 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 115 सड़क हादसों में मारे गए। 326 लोग घायल और 36 लापता हैं। बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से 2,507 घर-दुकानें और 2,043 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुल नुकसान का आंकड़ा 2,031 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
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