जयपुर, राजस्थान – आकांक्षा सिंह ने अपने करियर की शुरुआत बतौर फिजियोथेरेपिस्ट की, लेकिन थिएटर की पृष्ठभूमि और अभिनय के जुनून ने उन्हें छोटे और बड़े पर्दे का चमकता सितारा बना दिया। आज वो टीवी से लेकर बॉलीवुड और साउथ फिल्मों तक अपनी खास पहचान बना चुकी हैं।
पढ़ाई में अव्वल, एक्टिंग में भी कमाल
आकांक्षा ने फिजियोथेरेपी में डिग्री हासिल की और साथ ही थिएटर में भी सक्रिय रहीं। उनका झुकाव अभिनय की ओर बचपन से ही था, क्योंकि उनकी मां भी थिएटर कलाकार थीं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने नाट्य मंच पर भी खुद को तैयार किया।
टीवी से मिली पहचान
2012 में आकांक्षा ने टीवी शो ‘ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा’ में मेघा व्यास के किरदार से डेब्यू किया। उनकी सादगी भरी और दमदार एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इसके बाद 2015 में उन्होंने गुलमोहर ग्रैंड में अनाहिता की भूमिका निभाई। इसके अलावा बॉक्स क्रिकेट लीग और Aye Zindagi जैसे शोज़ में भी नजर आईं।
फिल्मों की ओर कदम
2017 में आकांक्षा ने वरुण धवन की फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ से बॉलीवुड में कदम रखा। उसी साल उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘मल्ली रावा’ में लीड रोल किया, जिसके लिए उन्हें SIIMA अवॉर्ड में बेस्ट डेब्यू फीमेल (तेलुगु) के लिए नॉमिनेशन भी मिला।
2018 में उन्होंने नागार्जुन के साथ देवदास और दो शॉर्ट फिल्में (मेथी के लड्डू और कैद) भी कीं।
2019 में उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘पैहलवान’ में सुदीप के साथ काम किया। यह फिल्म हिंदी, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।
ओटीटी पर भी छाईं
2021 में आकांक्षा ने डिज़्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज़ परंपरा से ओटीटी डेब्यू किया।
2022 में वह एस्केप लाइव, रंगबाज़: डर की राजनीति और तेलुगु एंथोलॉजी मीट क्यूट में नजर आईं।
‘रनवे 34’ में अहम भूमिका
2022 में उन्होंने अजय देवगन के साथ फिल्म ‘रनवे 34’ में समैरा खन्ना (देवगन की पत्नी) का किरदार निभाया। इस फिल्म में उनकी गंभीर और संतुलित एक्टिंग की सराहना हुई।
प्रमुख जानकारी
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| जन्म | 30 जुलाई 1990, जयपुर |
| शिक्षा | फिजियोथेरेपी में डिग्री |
| टीवी डेब्यू | ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा (2012) |
| प्रमुख प्रोजेक्ट | गुलमोहर ग्रैंड, देवदास, पैहलवान, रनवे 34, परंपरा, एस्केप लाइव |
| सम्मान | SIIMA नॉमिनेशन (मल्ली रावा) |
क्यों है ये सफर खास?
- पढ़ाई में उत्कृष्टता और एक्टिंग में गहराई – दोनों में संतुलन
- हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, तमिल फिल्मों और वेब सीरीज़ में दमदार उपस्थिति
- थिएटर की बुनियाद से बनी एक परिपक्व कलाकार
आकांक्षा सिंह का करियर एक मिसाल है। वे न केवल अभिनय की दुनिया में छाई हुई हैं, बल्कि एक फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में भी उन्होंने खुद को साबित किया है। उनका दो दुनियाओं में संतुलन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।


