भारत की प्रमुख फ़ैशन ज्वेलरी ब्रांडों में से एक रूबंस एक्सेसरीज़ की संस्थापक चिनू कला का सफर दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और वित्तीय अनुशासन का असाधारण उदाहरण है। कभी ₹20 रोज़ कमाने वाली चिनू आज एक ऐसे ब्रांड का नेतृत्व करती हैं जिसकी कीमत ₹300 करोड़ से अधिक है।
सिर्फ 15 साल की उम्र में चिनू कला घर छोड़कर निकली थीं, उनकी जेब में मात्र ₹300 थे। पहला रात उन्होंने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गुज़ारा, लेकिन उनके भीतर एक अटूट भरोसा था—वह सफल होंगी। जीवनयापन के लिए उन्होंने वेट्रेस, टेली-कॉलर, रिसेप्शनिस्ट और डोर-टू-डोर सेल्स जैसे कई काम किए। इसी दौरान उन्होंने हर रुपये की प्लानिंग करना सीखा, जिसने आगे चलकर उनके बिज़नेस की नींव मजबूत की।
उनकी ज़िंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने ग्लैडरैग्स मिसेज़ इंडिया कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया। यहीं से उन्हें फ़ैशन की दुनिया की झलक मिली और उन्होंने इमिटेशन ज्वेलरी बाज़ार की एक बड़ी कमी पर ध्यान दिया—सस्ती ज्वेलरी या तो खराब गुणवत्ता की होती थी या फिर बहुत महंगी। इस अंतर को भरने और अपनी बेटी के लिए लंबी अवधि की विरासत बनाने के उद्देश्य से उन्होंने अपना ब्रांड शुरू करने का निर्णय लिया।
2014 में चिनू कला ने अपने पति के साथ मिलाकर बचत का पैसा लगाया और मात्र 36 वर्ग फुट की दुकान से रूबंस एक्सेसरीज़ की शुरुआत की। विस्तार की कोशिशों के दौरान उन्हें यह चुनौती मिली कि एक नए ब्रांड पर कोई भरोसा नहीं करता। इसके बावजूद उन्होंने फोरम मॉल के हेड से मिलने के लिए छह महीने तक लगातार प्रयास किया। जब मौका मिला तो उनकी विज़न से प्रभावित होकर उन्हें मॉल में एक कियोस्क मिल गया।
कियोस्क लेने के लिए बड़ी सिक्योरिटी डिपॉज़िट की आवश्यकता थी जिसे जुटाना मुश्किल था, लेकिन रणनीति और साहस के दम पर उन्होंने यह बाधा पार कर ली। लॉन्च से पहले वे 45 दिन तक मॉल के बाहर खड़े होकर ग्राहकों के व्यवहार को समझती रहीं। इसका नतीजा प्रभावशाली रहा—कियोस्क के पहले ही दिन ₹1.5 लाख की बिक्री हुई।
व्यवसाय में चुनौतियाँ भी आईं। एक बार भीषण आग से उनका ऑफिस पूरी तरह जलकर राख हो गया। लेकिन वर्षों से बनाई गई आर्थिक अनुशासन ने उस समय उनकी मदद की, और उन्होंने तीन महीनों में बिज़नेस को फिर से खड़ा कर लिया।
समय के साथ ब्रांड ने तेज़ी से तरक्की की और मिंत्रा जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ साझेदारी की। ब्रांड की सफलता ने शार्क टैंक इंडिया का भी ध्यान आकर्षित किया। शो में शार्क्स ने उनकी दृढ़ता और स्पष्ट विज़न से प्रभावित होकर ₹100 करोड़ का बड़ा निवेश प्रस्ताव दिया—यह उनके संघर्षों का महत्वपूर्ण सम्मान था।
आज रूबंस एक्सेसरीज़ 40 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा दे चुका है और ₹310 करोड़ से अधिक की लाइफटाइम बिक्री दर्ज कर चुका है। चिनू कला अब सिर्फ रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए नहीं, बल्कि एक नए वैश्विक लक्ष्य के लिए काम कर रही हैं—अपने ब्रांड को दुनिया का सबसे पसंद किया जाने वाला ज्वेलरी ब्रांड बनाना।
उनकी यात्रा साबित करती है कि सफलता की शुरुआत आत्मविश्वास से होती है और इसे कायम रखने के लिए अनुशासन, योजना और दृढ़ता की आवश्यकता होती है।


