अहमदाबाद के तीन स्कूलों को बम धमकी, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

by cityplusnews · December 17, 2025
Share This News

अहमदाबाद में बुधवार को तीन स्कूलों को बम धमकी वाले ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गए। एहतियात के तौर पर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और कैंपस में सुरक्षा जांच शुरू की गई।

धमकी भरे ईमेल मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को स्कूलों को “We will take revenge” संदेश वाला ईमेल मिला। संदेश की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सुरक्षा टीमों को मौके पर भेजा गया।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने कहा,
“पुलिस टीमें संबंधित स्कूलों में मौजूद हैं।”

किन-किन स्कूलों को मिली धमकी?

सूत्रों के मुताबिक, धमकी पाने वाले स्कूल हैं—

  • महाराजा अग्रसेन स्कूल
  • ज़ाइडस स्कूल फॉर एक्सीलेंस
  • ज़ेब्रा स्कूल

कैंपस में बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने गहन तलाशी अभियान चलाया।

अभिभावकों से बच्चों को घर ले जाने का अनुरोध

सुरक्षा जांच शुरू होते ही अभिभावकों को संदेश भेजकर स्कूल पहुंचने के लिए कहा गया। एक नोटिस में लिखा था —
“कुछ असुविधा के कारण विद्यालय परिसर खाली कराना आवश्यक है। कृपया अपने बच्चे को तुरंत ले जाएं।”

ANI से बात करते हुए एक अभिभावक ने बताया कि संदेश मिलते ही वह 10 मिनट में स्कूल पहुंच गए। सुरक्षा व्यवस्था पर उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि शिक्षक उन अभिभावकों को भी फोन कर रहे थे जिन्होंने व्हाट्सऐप संदेश नहीं देखा था।

खालिस्तान लिंक होने की आशंका

सूत्रों के अनुसार, जांच में खालिस्तान समर्थक तत्वों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

अन्य राज्यों में भी मिले ऐसे ईमेल धमकी

हाल के दिनों में ऐसे मामलों में वृद्धि देखी गई है।

  • 12 दिसंबर को पंजाब के अमृतसर में कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम धमकी दी गई थी, जिसे बाद में जांच में झूठा पाया गया।
  • दिल्ली में 10 दिसंबर को दो स्कूलों को धमकी मिली थी, जबकि संस्कृत स्कूल को भेजे गए संदेश में खालिस्तान आंदोलन से जुड़ा जिक्र किया गया था।

ईमेल में यह संदेश लिखा था:
“Aaj 12:05PM Bomb Blast Hove Ga? … Delhi 2UN Tak Laye.”

हर मामले में स्कूलों ने अभिभावकों को तुरंत सूचना दी और सुरक्षा जांच कराई गई, चाहे बाद में धमकियाँ झूठी साबित क्यों न हुई हों।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी है और बच्चों व अभिभावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

You may also like