भारतीय घरों में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं माना जाता। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे माता लक्ष्मी से भी जोड़ा जाता है, इसलिए घर में सकारात्मकता और स्थिरता बनाए रखने के लिए कुछ पारंपरिक नियमों का पालन किया जाता है।
वास्तु के मुताबिक बुधवार या शुक्रवार को नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, क्योंकि ये दिन लक्ष्मी और कुबेर से जुड़े माने जाते हैं।
अगर झाड़ू पुरानी या खराब हो जाए, तो शनिवार को उसे घर से बाहर करना उचित बताया गया है। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
झाड़ू रखने के तरीके पर भी ध्यान देने की सलाह दी जाती है। इसे हमेशा आड़ा (लेटाकर) रखना चाहिए और दीवार के सहारे खड़ा नहीं करना चाहिए। उल्टा रखी झाड़ू को भी अशुभ माना जाता है और इसे घर में तनाव से जोड़ा जाता है।
दिशा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। झाड़ू को घर के दक्षिण या पश्चिम हिस्से में रखना ठीक माना जाता है, जबकि उत्तर-पूर्व दिशा को पवित्र मानकर वहाँ रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
साथ ही, झाड़ू को खुले में दिखाई देने वाली जगह पर रखने की बजाय नजरों से दूर रखना बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: ये सभी पारंपरिक वास्तु मान्यताएं और सांस्कृतिक विश्वास हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं। साफ-सफाई और सुविधा को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।


