January 19, 2026
Navratri 2025: Stories Behind the Nine Forms of Goddess Durga (Navadurga)

Navratri 2025: Stories Behind the Nine Forms of Goddess Durga (Navadurga)

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नवरात्रि, माँ दुर्गा की पूजा का नौ दिवसीय पर्व, हर दिन एक विशेष रूप की पूजा के माध्यम से अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इन नौ रूपों को collectively नवदुर्गा कहा जाता है, जो शक्ति, भक्ति, और जीवन के विभिन्न पहलुओं का प्रतीक हैं।

विस्तारित रूप (Expanded Form)

1. माँ शैलपुत्री (Maa Shailaputri)

माँ शैलपुत्री, हिमालय की पुत्री, शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। वे वृषभ पर सवार होती हैं और त्रिशूल तथा कमल का प्रतीक धारण करती हैं। इनकी पूजा से जीवन में साहस और शुद्धता आती है।

2. माँ ब्रह्मचारिणी (Maa Brahmacharini)

माँ ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। वे फल, पत्तियाँ और अंततः वायु पर निर्वाह करती थीं। इनकी पूजा से भक्ति, तपस्या और आंतरिक शक्ति में वृद्धि होती है।

3. माँ चंद्रघंटा (Maa Chandraghanta)

माँ चंद्रघंटा, भगवान शिव से विवाह के समय अपने माथे पर अर्धचंद्र और घंटा धारण करती हैं। वे सिंह पर सवार होती हैं और दस भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं। इनकी पूजा से मानसिक शांति और भय से मुक्ति मिलती है।

4. माँ कुष्मांडा (Maa Kushmanda)

माँ कुष्मांडा ने अपनी मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। वे सूर्य के केंद्र में निवास करती हैं और सृष्टि की उत्पत्ति की प्रतीक हैं। इनकी पूजा से ऊर्जा, जीवन शक्ति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

5. माँ स्कंदमाता (Maa Skandamata)

माँ स्कंदमाता, भगवान कार्तिकेय की माता हैं। वे सिंह पर सवार होती हैं और अपने पुत्र को गोदी में लिए होती हैं। इनकी पूजा से मातृत्व, प्रेम और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

6. माँ कात्यायनी (Maa Katyayani)

माँ कात्यायनी, ऋषि कात्यायन की पुत्री हैं। वे सिंह पर सवार होती हैं और युद्ध में असुरों का संहार करती हैं। इनकी पूजा से साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा में वृद्धि होती है।

7. माँ कालरात्रि (Maa Kalratri)

माँ कालरात्रि, कालरात्रि के रूप में काली हैं। वे राक्षसों का संहार करती हैं और अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। इनकी पूजा से भय, शत्रु और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।

8. माँ महागौरी (Maa Mahagauri)

माँ महागौरी, अत्यंत सुंदर और गौर वर्ण की हैं। वे सफेद हाथी पर सवार होती हैं और आशीर्वाद देती हैं। इनकी पूजा से पापों का नाश और मानसिक शांति मिलती है।

9. माँ सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri)

माँ सिद्धिदात्री, सभी सिद्धियों की दात्री हैं। वे कमल पर सवार होती हैं और अपने भक्तों को दिव्य ज्ञान और सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। इनकी पूजा से सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।

निष्कर्ष:
नवरात्रि के इन नौ दिनों में, प्रत्येक रूप की पूजा से जीवन में शक्ति, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। नवदुर्गा की पूजा से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन और समृद्धि भी आती है।

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