January 19, 2026
The World’s Most Expensive Sarees: From Guinness World Records to India’s Heritage Weaves

The World’s Most Expensive Sarees: From Guinness World Records to India’s Heritage Weaves

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भारत अपनी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, और इसमें साड़ियाँ एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। भारतीय साड़ियों की खूबसूरती सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं है, बल्कि ये शिल्प और कला का उत्कृष्ट उदाहरण भी हैं।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड जीतने वाली विवाह पाटु साड़ी से लेकर बनारसी, कांचीवरम और पायथानी जैसी विरासत वाली बुनवातों वाली साड़ियाँ, दुनिया की सबसे महंगी साड़ियों में कला, संस्कृति और विलासिता का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की कीमत वाली ये साड़ियाँ केवल विलासिता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि सैकड़ों वर्षों की परंपरा और अद्भुत शिल्प कौशल की मिसाल भी हैं।

आइए जानते हैं देश की कुछ सबसे महंगी और प्राचीन साड़ियों के बारे में:

1. विवाह पाटु साड़ी (तमिलनाडु)
चेननई सिल्क्स द्वारा बनाई गई विवाह पाटु साड़ी को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे महंगी साड़ी का दर्जा दिया है। इसकी कीमत लगभग ₹40 lakh है। इस साड़ी में राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स का चित्रण किया गया है, जिसे सोने, चांदी और प्लेटिनम की कढ़ाई से बनाया गया है। इसमें हीरे, रूबी, पन्ना और नीलम भी जड़े हैं। इसे तैयार होने में एक साल से अधिक समय लगा। यदि इसे पहना जाए तो यह सिर्फ एक साड़ी नहीं बल्कि पहनने योग्य कला का अद्भुत उदाहरण होगी।

2. बनारसी सिल्क साड़ी (उत्तर प्रदेश)
वाराणसी की बनारसी साड़ियाँ अपने जटिल हाथों के काम और शानदार डिज़ाइन के लिए जानी जाती हैं। उच्च गुणवत्ता वाली साड़ियाँ ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की होती हैं और इनमें असली सोने और चांदी का ज़री काम होता है। फूल और पैज़ली जैसे डिज़ाइन इनके मुख्य आकर्षण हैं।

3. कांचीवरम सिल्क साड़ी (तमिलनाडु)
“रानी की रेशमी साड़ी” कहे जाने वाली कांचीवरम साड़ियाँ मजबूत, दीर्घकालिक और चमकदार रंगों वाली होती हैं। उच्च गुणवत्ता वाली साड़ियाँ ₹2 लाख से ₹7 लाख तक की होती हैं। इसमें उपयोग की जाने वाली सिल्क और ज़री असली सोने और चांदी की होती है। इसकी खासियत इसका अलग-अलग हिस्सों—बॉडी, बॉर्डर और पल्लू—को अलग से बुनकर जोड़ा जाना है।

4. पायथानी सिल्क साड़ी (महाराष्ट्र)
पायथानी साड़ी का इतिहास सतवाहन वंश तक जाता है। इसकी कीमत ₹3 लाख से ₹8 लाख तक होती है। इसमें मुख्य रूप से मोर और कमल जैसे डिज़ाइन बनाए जाते हैं। इसकी दुर्लभता का कारण धीमी बुनाई और शुद्ध सामग्रियों का उपयोग है।

5. पाटोला साड़ी (गुजरात)
पाटन की पाटोला साड़ियाँ डबल इकट तकनीक से बनाई जाती हैं। एक साड़ी को तैयार होने में कई महीने या साल लग सकते हैं। इसकी कीमत ₹2 लाख से ₹7 लाख तक होती है। इसमें हर धागा पहले रंगा जाता है और फिर बुना जाता है, जिससे डिज़ाइन पूरी तरह से संतुलित और आकर्षक बनती है।

6. मैसूर सिल्क साड़ी (कर्नाटक)
मैसूर सिल्क साड़ियाँ दक्षिण भारत में शादियों के लिए बेहद लोकप्रिय हैं। एकल रेशमी साड़ी जिसमें सोने का ज़री बॉर्डर होता है, ₹1 लाख से ₹3 लाख तक की होती है। इसकी सादगी और रंगीनता इसे क्लासिक बनाती है।

7. जामदानी साड़ी (बंगाल)
बंगाल की जामदानी साड़ियाँ ₹80,000 से ₹2 लाख की होती हैं। इसमें ज्यादातर फूल और ज्यामितीय डिज़ाइन बनती हैं, जो लगभग कपड़े पर तैरती हुई दिखाई देती हैं। यह साड़ी मुग़ल काल से लोकप्रिय है और भारतीय शिल्प कौशल की मिसाल मानी जाती है।

8. बालूचरी सिल्क साड़ी (बंगाल)
बालूचरी साड़ियाँ पल्लू और बॉर्डर पर कथाओं का चित्रण करती हैं, आमतौर पर पुराणों और महाकाव्यों से। इसकी कीमत ₹50,000 से ₹1.5 लाख होती है।

9. चंदेरी सिल्क साड़ी (मध्य प्रदेश)
चंदेरी साड़ियाँ हल्की और पारदर्शी होती हैं। उच्च गुणवत्ता वाली साड़ियाँ ₹40,000 से ₹1 लाख तक की होती हैं और इनमें सोने या चांदी के ज़री डिज़ाइन होते हैं।

10. टसर सिल्क साड़ी (बिहार और झारखंड)
टसर सिल्क साड़ियों में प्राकृतिक सुनहरा रंग और खुरदरी बनावट होती है। इसकी कीमत ₹30,000 से ₹80,000 तक होती है। यह पर्यावरण के अनुकूल सिल्क है, जो जंगलों में पाए जाने वाले सिल्कवर्म से बनाया जाता है।

भारत की ये साड़ियाँ सिर्फ कपड़ा नहीं हैं, बल्कि सदियों की शिल्प कला, परंपरा और विरासत की प्रतीक हैं। चाहे शादी हो, त्योहार हो या कोई विशेष अवसर, इन साड़ियों का पहनना गर्व और शान का प्रतीक माना जाता है।

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