Neelakurinji – The Rare Flowers That Bloom Only Once Every 12 Years
केरल में होने वाला नीलाकुरिंजी का फूलना एक अद्वितीय और दुर्लभ प्राकृतिक घटना है, जो हर 12 साल में एक बार देखने को मिलती है। यह फूल मुन्नार और आसपास की पहाड़ियों को नीले रंग की चादर में ढक देता है। इस दौरान पूरा इलाका मानो किसी स्वप्नलोक में बदल जाता है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं।
क्या है नीलाकुरिंजी?
नीलाकुरिंजी (Strobilanthes kunthiana) एक झाड़ीदार पौधा है, जो एकैंकथेसी (Acanthaceae) परिवार और स्ट्रोबिलांथेस (Strobilanthes) वंश से संबंधित है। दुनिया में इसकी लगभग 250 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 46 भारत में मिलती हैं। इसकी खासियत है कि यह एक साथ बड़े पैमाने पर फूलता है, जिसे ‘मास फ्लॉवरिंग’ कहा जाता है। स्थानीय आदिवासी समुदाय, खासकर ‘पलायन’ जनजाति, इस फूल के खिलने के चक्र से अपनी उम्र गिनने की परंपरा निभाते हैं। इसके फूलों से बनने वाला शहद औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है।

कहां-कहां देखा जा सकता है?
नीलाकुरिंजी मुख्य रूप से वेस्टर्न घाट के शोला जंगलों में पाया जाता है। यह 1300 से 2400 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है। मुन्नार इसका सबसे बड़ा गंतव्य है, लेकिन इसके अलावा इराविकुलम नेशनल पार्क, अनामुड़ी पीक, टॉप स्टेशन, मट्टुपेट्टी डैम, कुंडाला झील, अनामलाई हिल्स और नीलगिरि हिल्स में भी यह खिलता है।
पर्यटन और संरक्षण
नीलाकुरिंजी के खिलने के दौरान पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। केरल सरकार इस दौरान फूलों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देती है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध, कचरा प्रबंधन, सड़कों की मरम्मत, शौचालय सुविधाओं में सुधार और अवैध स्ट्रीट वेंडिंग पर नियंत्रण जैसे कदम उठाए जाते हैं। पर्यटकों को ऑनलाइन बुकिंग, गाइडेड टूर और जीप सफारी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
अन्य आकर्षण
नीलाकुरिंजी देखने के साथ-साथ पर्यटक मुन्नार की चाय बागानों, झरनों, झीलों और वन्यजीवों का आनंद भी ले सकते हैं। केरल के बैकवाटर्स, कोवलम और वर्कला जैसे समुद्र तट, कथकली और मोहिनीयाट्टम जैसे नृत्य, पारंपरिक व्यंजन और आयुर्वेदिक उपचार इसे सालभर पर्यटन के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

एक दुर्लभ अनुभव
नीलाकुरिंजी का ‘ब्लू मिरेकल’ प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा और यादगार अनुभव है। जब ये फूल पूरी घाटी में खिलते हैं, तो नीली पहाड़ियां मानो आसमान से जुड़ जाती हैं, और यह दृश्य जीवनभर स्मरणीय बन जाता है।
केरल में नीलाकुरिंजी देखने का विस्तृत यात्रा गाइड
नीलाकुरिंजी का आखिरी फूलना 2018 में हुआ था, और इसका अगला निर्धारित फूलने का साल 2030 है।
अगर कहीं अभी या बीच-बीच में इसका फूलना देखा जा रहा है, तो वह अनियमित (off-cycle) ब्लूमिंग माना जाता है, जो कभी-कभी मौसम या पर्यावरणीय कारणों से हो जाता है।
नीलाकुरिंजी (Strobilanthes kunthiana) का खिलना केवल एक दृश्य नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ एक आध्यात्मिक अनुभव है। हर 12 साल में एक बार खिलने वाले ये नीले-बैंगनी फूल मुन्नार और वेस्टर्न घाट की वादियों को रंगों की जादुई चादर से ढक देते हैं। अगर आप इस दुर्लभ नजारे को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो यहां है आपका पूरा यात्रा गाइड—
1. सबसे अच्छा समय
- खिलने का मौसम: आमतौर पर जुलाई से अक्टूबर के बीच
- दिन का समय: सुबह 7 बजे से 10 बजे और शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच, जब धूप हल्की होती है और रंग ज्यादा गहरे दिखते हैं।
2. मुख्य स्थल (Viewing Spots)
- इराविकुलम नेशनल पार्क (Eravikulam National Park)
- नीलाकुरिंजी देखने का सबसे बड़ा केंद्र
- यहां नीलगिरि ताहर (दुर्लभ पर्वतीय बकरी) भी देखने को मिलती है
- ऑनलाइन टिकट बुकिंग अनिवार्य
- अनामुड़ी पीक (Anamudi Peak)
- दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी
- यहां से पूरे नीले फूलों से ढकी घाटियों का पैनोरमिक व्यू मिलता है
- टॉप स्टेशन (Top Station)
- मुन्नार-कोडाईकनाल रोड का सबसे ऊंचा पॉइंट
- फोटोग्राफी और कैम्पिंग के लिए बेहतरीन जगह
- मट्टुपेट्टी डैम और कुंडाला झील
- फूलों के अलावा बोटिंग और पिकनिक के लिए मशहूर
3. मुन्नार कैसे पहुंचे
- हवाई मार्ग:
- सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (COK), 110 किमी दूर
- रेल मार्ग:
- अलुवा (110 किमी) और एर्नाकुलम (126 किमी) नजदीकी रेलवे स्टेशन
- सड़क मार्ग:
- कोच्चि, मदुरै, कोयंबटूर से नियमित बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध
4. कहां ठहरें
- लक्जरी रिसॉर्ट:
- चाय बागानों के बीच के प्रीमियम रिसॉर्ट, जिनसे घाटियों का सीधा दृश्य मिलता है
- बजट होटल/होमस्टे:
- मुन्नार शहर में कई सस्ते और अच्छे विकल्प
- इको-स्टे:
- जंगल और फूलों के करीब रहने का अनूठा अनुभव
5. जरूरी टिप्स
- अग्रिम बुकिंग जरूर करें (सीजन में होटल और पार्क टिकट जल्दी फुल हो जाते हैं)
- प्लास्टिक बोतल और बैग से बचें (पार्क में प्रतिबंधित)
- आरामदायक जूते पहनें (ट्रेकिंग और लंबी वॉक के लिए)
- कैमरा और पावरबैंक साथ रखें
- भीड़भाड़ से बचने के लिए वीकडेज़ में जाएं
6. आस-पास के आकर्षण
- टी म्यूजियम: मुन्नार की चाय उत्पादन की कहानी
- अट्टुकल वॉटरफॉल्स: मानसून में शानदार दृश्य
- चिन्नार वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी: ट्रेकिंग और वन्यजीवों के लिए मशहूर
7. अनुभव को खास बनाने के लिए
- सूर्योदय या सूर्यास्त के समय नीलाकुरिंजी देखें
- फूलों के बीच पैदल ट्रेक का आनंद लें
- स्थानीय गाइड के साथ जाएं, जो आपको दुर्लभ दृश्य और बेहतरीन फोटो स्पॉट दिखा सके
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