February 5, 2026
Maharashtra’s ‘Golden Village’: Where Gold Coins Emerge from the Ground During Monsoon

Maharashtra’s ‘Golden Village’: Where Gold Coins Emerge from the Ground During Monsoon

Share This News

कोल्हापुर (महाराष्ट्र) – महाराष्ट्र का कोल्हापुर जिला बाढ़ के लिए भले ही जाना जाता हो, लेकिन यहां एक ऐसा गांव भी है जहां बरसात के मौसम में ‘सोने की बारिश’ होती है. सुनने में यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है, लेकिन कसबा बीड गांव के लोग इसे हकीकत मानते हैं.

करीब 5-6 हज़ार की आबादी वाला यह गांव अपने प्राचीन मंदिरों, पुराने शिलालेखों, वीरगालों और खास तौर पर ज़मीन से निकलने वाले पुराने सोने के सिक्कों के लिए मशहूर है. ग्रामीण इन्हें ‘सोने के बेडे’ कहते हैं और मानते हैं कि ये सिक्के यादव काल के हैं.

बरसात के साथ शुरू होती ‘सोने की बरसात’

गांववालों का कहना है कि जैसे ही बरसात और मृग नक्षत्र का समय आता है, खेत-खलिहान, रास्तों के किनारे, यहां तक कि घर की छत पर भी ये सोने के सिक्के मिल जाते हैं. हाल ही में अक्काताई जाधव को खेत में काम करते समय एक सिक्का मिला, जिस पर कमल का डिज़ाइन और दूसरी तरफ अक्षर खुदे थे. तानाजी यादव और महादेव बिडकर को भी अलग-अलग मौकों पर ऐसी मुद्राएं मिली हैं.

एक परिवार को मिले 11 सिक्के

गांव के मनोहर पाटिल का नाम इस मामले में खास है. पिछले 5-6 सालों में उनके घर को अकेले 11 सोने के सिक्के मिले हैं. इनमें से कुछ उन्होंने मेहमानों को तोहफे में दे दिए, जबकि बाकी को पूजा घर में आशीर्वाद मानकर रखा है.

सिर्फ कसबा बीड में ही क्यों?

पिछले पांच सालों में यहां लगभग 50 सोने की मुद्राएं, 210 वीरगाल और कई पुराने शिलालेख मिले हैं. सिक्के अधिकतर गांव के उत्तर, दक्षिण और पश्चिम हिस्से में पाए जाते हैं. गांव की घरों की बनावट भी एक पुराने स्वतंत्र राज्य की झलक देती है.

वैज्ञानिक जांच की मांग

गांववाले चाहते हैं कि इस रहस्य पर वैज्ञानिक और ऐतिहासिक शोध हो, ताकि असली कारण सामने आए और कसबा बीड को देश के पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान मिले.

Source : ABP माझा

*To Join Cityplus WhatsApp Channel* http://bit.ly/3JlyrjS

Leave a Reply