सर्दियों में कई लोग मानते हैं कि गरम पानी में रम मिलाकर पीने से सर्दी-खांसी में आराम मिलता है। घरों में इसे आम घरेलू नुस्खा माना जाता है और लोग कहते हैं कि इससे जुकाम रुकता है, खांसी कम होती है और बंद नाक खुल जाती है। ठंड के मौसम में यह पेय शरीर को गर्म और आरामदायक महसूस कराता है।
लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार रम और गरम पानी सर्दी-खांसी का इलाज नहीं है। इसके असर का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह केवल कुछ समय के लिए राहत का एहसास दे सकता है, पर वायरस से होने वाले संक्रमण को ठीक नहीं करता।
रम में लगभग 40 प्रतिशत तक अल्कोहल होता है। अल्कोहल रक्त वाहिकाओं को फैलाकर थोड़ी देर के लिए गर्मी का एहसास देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर ठीक हो रहा है। उल्टा, यह शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बढ़ा सकता है, जो बीमारी के दौरान नुकसानदायक है।
कुछ लोग मानते हैं कि अल्कोहल शरीर के अंदर कीटाणु मार देता है। यह गलत धारणा है। अल्कोहल सतहों पर बैक्टीरिया को खत्म कर सकता है, लेकिन गले या श्वसन तंत्र को इस तरह साफ नहीं करता कि बीमारी ठीक हो जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि असली राहत गरम तरल पदार्थों — जैसे गरम पानी, चाय या सूप — से मिलती है। फायदा गर्माहट और शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने से होता है, अल्कोहल से नहीं।
इसके अलावा, अल्कोहल प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है, नींद खराब कर सकता है और ठीक होने की प्रक्रिया धीमी कर सकता है।
सर्दी-खांसी में डॉक्टर आराम, पर्याप्त पानी, भाप लेना और चिकित्सकीय दवाओं की सलाह देते हैं, न कि अल्कोहल आधारित घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने की।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। सर्दी, खांसी या सांस से जुड़ी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।


